धनबाद(DHANBAD): आज, सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद डिग्वाडीह परिसर में कोयला एवं खनिज प्रसंस्करण समूह एवं एचआरडी के द्वारा SCCL से आये अधिकारीयों के लिए कोयला धुलाई योग्यता अध्ययन विषय पर पांच दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम(E D P) का शुभारंभ किया गया| इस पांच -दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र पूर्वाह्न 09:30 बजे डिगवाडीह परिसर अभिनन्दन अतिथि गृह के स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया गया|
उद्घाटन समारोह में संस्थान के निदेशक, प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा, वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. पिनाकी सरकार, वरिष्ठत्म वैज्ञानिक डॉ. पी के बनर्जी, कोयला एवं खनिज प्रसंस्करण समूह प्रमुख डॉ. मनीष कुमार, एचआरडी समन्वयक ई. अमरनाथ, एचआरडी प्रमुख डॉ. दिलीप कुम्भकार, वैज्ञानिक डॉ. के एम पी सिंह, SCCL से आये अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
संस्थान के निदेशक, प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने मंचासीन महानुभवों एवं सम्मेलन कक्ष में उपस्थित SCCL से आये अधिकारीयों, सभी गणमान्य अतिथियों एवं संस्थान के सदस्यों का स्वागत किया। प्रो. मिश्रा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा- कोयले की उचित उपयोग के लिए उसे तकनीकी रूप से वाशिंग करना अति आयश्यक हो गया है| धुलाई के पश्चात् उसमे राख की मात्रा काम हो जाती है| जिसके कारण पर्यावरण में प्रदुषण की मात्रा को काम किया जा सकता है| साथ ही उन्होंने वैज्ञानिक रूप से खनन गतिविधियों को पालन करने पर भी जोर दिया। जिससे के किसी प्रकार से गुणवत्ता एवं सुरक्षा में कोई कमी न रह जाये| निदेशक महोदय ने इस संस्थान की मत्वपूर्ण उपलब्धियों से अवगत कराया की कैसे यहाँ के वैज्ञानिको ने देश की आजादी के बाद से ही अपनी कठिन मेहनत से घरेलू कोयले को वैज्ञानिक पद्धति द्वारा कोक में परिवर्तित में सफलता पायी | जिससे भारत को विदेशो से आयातित कोयले पर निर्भरता काम हुयी एवं निरंतर नयी खोजों से यह संस्थान अपनी सफलता की उचाईयों को प्राप्त करता रहा है|
मुख्य वैज्ञानिक, डॉ. मनीष कुमार ने अपने सम्बोधन में इस पुरे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया|
एचआरडी समन्वयक ई. अमरनाथ ने अपने सम्बोधन में एचआरडी द्वारा हाल ही में कराये गये प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला।
वरिष्ठत्म वैज्ञानिक डॉ. पी के बनर्जी ने अपने सम्बोधन में इस कर्यक्रम एवं इसकी उपयोगिता का उद्देश्य बताया और सम्बंधित विषय पर प्रकाश डाला|
राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन कार्यक्रम का समापन हुआ। सिम्फर के मुख्य वैज्ञानिक, डॉ. मनीष कुमार के द्वारा मंच संचालन एवं अंत में डॉ. के एम पी सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

