उत्तर प्रदेश(UTTAR PRADESH) : शादी की 25वीं सालगिरह… एक ऐसा लम्हा, जहां हर जोड़ा अपनी मोहब्बत के सफर को पूरे दिल से जीता है। बरेली के कारोबारी वसीम भी इसी खुशी में डूबे थे। पत्नी फराह का हाथ थामे, वह स्टेज पर उतरे। चेहरे पर हंसी थी, आंखों में चमक… कदमों की ताल में बीते सालों की यादें सजीव हो उठीं। मगर किसे पता था कि यह जश्न उनकी आखिरी सांसों का गवाह बनेगा। स्टेज पर संगीत की धुन गूंज रही थी, मेहमान तालियां बजा रहे थे। तभी, चार मिनट की मुस्कुराहट के बाद वसीम अचानक लड़खड़ा गये। आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वह वहीं गिर पड़े। लोग समझे, कोई मज़ाक होगा, मगर जब उन्होंने कोई हरकत नहीं की, तब दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। किसी ने पानी छिड़का, किसी ने उठाने की कोशिश की… लेकिन वह उठ न सके।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, पर तब तक देर हो चुकी थी। जिस शख्स ने अपनी जिंदगी के 25 साल हंसते-गाते बिता दिये, उसकी सांसें अब हमेशा के लिये थम चुकी थीं। वह केक, जो उन्होंने खास सिल्वर जुबली के लिये बनवाया था, अब अनछुआ पड़ा था… और उनकी फराह, जो कुछ देर पहले तक उनके साथ डांस कर रही थी, अब बेसुध होकर फर्श पर गिर पड़ी थी। घर, जो रौशनी से जगमगाने वाला था, अब मातम में डूब गया। जिन रिश्तेदारों को खुशी का हिस्सा बनना था, वे आंसू पोंछ रहे थे। दो बेटे, जो पिता की बांहों में बचपन बिताकर बड़े हुए थे, अब उन बांहों को आखिरी बार थामने के लिए दौड़ पड़े।
NEWSANP के लिए उत्तर प्रदेश से ब्यूरो रिपोर्ट

