सिंदरी शहरपुरा युथ क्लब स्थित मीरा मोहन धाम में नव निर्मित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री राधा कृष्ण जी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा पूजा अर्चना हवन और भंडारा का आयोजन कर लोगों को महाप्रसाद ग्रहण कराया गया। संध्या बेला में श्रीमद्भागवत कथा का सातवें दिन कथा वाचिका ने कथा सुनाई…

सिंदरी शहरपुरा युथ क्लब स्थित मीरा मोहन धाम में नव निर्मित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री राधा कृष्ण जी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा पूजा अर्चना हवन और भंडारा का आयोजन कर लोगों को महाप्रसाद ग्रहण कराया गया। संध्या बेला में श्रीमद्भागवत कथा का सातवें दिन कथा वाचिका ने कथा सुनाई…

सिंदरी(SINDRI):सिंदरी शहरपुरा युथ क्लब स्थित मीरा मोहन धाम में नव निर्मित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री राधा कृष्ण की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 8 मई वृहस्पतिवार को सुबह से पूजा अर्चना,हवन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इस अवसर पर महाभंडारा का भी आयोजन किया गया था। जिसमें हजारों हज़ारों की संख्या में लोगों ने महाभोग ग्रहण किया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झरिया विधायिका श्री मती रागिनी सिंह भी संध्या बेला में उपस्थित थीं जिन्हें कथा वाचिका के करकमलों द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

वहीं संध्या बेला में श्रीमद् भागवत महापुराण के सातवे दिन की कथा में मध्य प्रदेश की आस्था भजन एवं सत्संग चैनल की प्रवक्ता पूज्य डॉक्टर अमृता करणेश्वरी जी ने भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरी लीला , मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध, उद्धव चरित्र रुक्मणी विवाह, एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया देवी जी ने बताया उद्धव चरित्र एवं सुदामा चरित्र से भगवान श्री कृष्णा भक्तों को शिक्षा देते हैं कि कैसे प्रेम, मित्रता, और भक्ति से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। वे भक्तों को प्रेरणा देते हैं कि वे भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें.
और कथा को विराम देते हुए कहा कि कलयुग में भगवान के नाम संकीर्तन से ही हम मनुष्य भवसागर से पर होते हैं और मुक्ति करने को नहीं कहा जाता मनुष्य जीवित अवस्था में ही मुक्त हो सकता है जीवित अवस्था में ही उसे मोक्ष की प्राप्ति हो सकता है जिस प्रकार राजा परीक्षित को आत्मज्ञान हुआ और उन्हें वास्तविक मोक्ष की प्राप्ति हुई।

इस भव्य कार्यक्रम के सातवें दिन चलने वाले महायज्ञ के आयोजक गौरव वक्ष उर्फ लक्की सिंह एवं संस्थापक मोहन सिंह ने बताया कि इस भव्य दिव्य कथा से लोगों को धर्मलाभ प्राप्त तो हुआ ही साथ साथ सत्संग कथा व भक्ति के माध्यम से लोग अपने जीवन को पुण्यमय भी बनाया जो सनातन धर्म के लिए काफी खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि यह सिंदरी की पावन धरती पर भव्य सुन्दर और पहला श्री राधा कृष्ण जी का मंदिर है उन्होंने श्री राधा कृष्ण जी से सिंदरी के साथ साथ पूरे देश वासियों के लिए सुखी खुशी और मंगलमय की कामना भी की।

सात दिनों से चल रहे उक्त भव्य कार्यक्रम से पूरा सिंदरी आकर्षक विद्युत रौशनी से जहां जगमगा रहा है वही पूरा सिंदरी भक्तिमय वातावरण में डुबा हुआ है।

NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट

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