जामताड़ा(JAMTADA):दिल्ली जल बोर्ड और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के नाम पर ठगी, APK फाइल से स्क्रीन हैक कर उड़ाते थे पैसा
झारखंड के जामताड़ा जिले की पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रानीटॉड स्थित बगीचा एवं तालाब के पास छापामारी अभियान चलाया गया, जिसमें तीन साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से फर्जी मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
छापामारी अभियान का नेतृत्व और पुलिस टीम
- इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व पु०नि०-सह-थाना प्रभारी श्री मनोज कुमार महती ने किया।
- उनकी टीम में शामिल रहे:
- पु०अ०नि० वैभव सिंह
- स०अ०नि० स्टेनली हेम्ब्रम
- अन्य स्थानीय पुलिस बल
पुलिस टीम ने पूर्ण संयम और सावधानी के साथ पूरे इलाके को घेर कर यह कार्यवाही की।
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की पहचान
- रमेश मंडल
- उम्र: 31 वर्ष
- पिता: स्व. टेकलाल मंडल
- ग्राम: मट्टॉड
- थाना: करमाटॉड, जिला जामताड़ा
- फुरकान अंसारी
- उम्र: 27 वर्ष
- पिता: सिकन्दर मियाँ
- ग्राम: कोरीडीह-2, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा
- प्रेम कुमार मंडल
- उम्र: 20 वर्ष
- पिता: राजेन्द्र मंडल
- ग्राम: झिलुवा, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा
बरामद किए गए सामग्री का विवरण
- मोबाइल फोन : 10
- सिम कार्ड : 12
- एटीएम कार्ड : 01
- मोटरसाइकिल : 01
इन सभी सामग्रियों का प्रयोग ये अपराधी साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने में करते थे।
अपराधियों की ठगी की शैली (Modus Operandi)
(1) दिल्ली जल बोर्ड के नाम पर ठगी:
- ये अपराधी देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा के आम नागरिकों को WhatsApp के जरिए नोटिस भेजते थे, जिसमें लिखा होता था कि उनका पानी का मीटर अपडेट किया जाना है।
- जब ग्राहक इस नोटिस के जवाब में कॉल करते थे, तो उन्हें एक फर्जी APK (एंड्रॉयड ऐप) फाइल भेजी जाती थी।
- इस ऐप को इंस्टॉल कर ग्राहक से आधार और मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारी भरवाई जाती थी।
- उसके बाद उनका मोबाइल स्क्रीन हैक कर लिया जाता और फिर उनके ई-वॉलेट से राशि निकाल ली जाती थी।
(2) बैंक ऑफ महाराष्ट्र के नाम पर ठगी:
- इसी तरह, एक अन्य तरीके से वे बैंक ऑफ महाराष्ट्र के नाम से KYC अपडेट करने का झांसा देकर भी लोगों के मोबाइल में APK फाइल भेजते थे।
- पीड़ितों के फोन हैक कर उनका वित्तीय डेटा चुरा कर साइबर ठगी की जाती थी।
दर्ज प्राथमिकी और कानूनी कार्यवाही
गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 37/25, दिनांक 14.05.2025 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
- भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा:
111(2)(b), 111(3), 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 3(5) B.N.5 2023 - सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा:
66(B), 66(C), 66(D)
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पूर्ववर्ती आपराधिक इतिहास
- रमेश मंडल पूर्व में भी साइबर अपराध में लिप्त पाया गया है।
- उसके विरुद्ध कांड संख्या 43/20, दिनांक 11.09.2020, धारा 414/419/420/467/468/471/120(B) IPC एवं 66(B)(C)(D) IT Act के तहत आरोप पत्र दायर हो चुका है।
- यह बताता है कि रमेश मंडल एक आदतन साइबर अपराधी है और पूर्व में भी पुलिस की रडार पर रहा है।
पुलिस अधीक्षक की सराहना
इस पूरे ऑपरेशन की कमान जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा गोपनीय सूचना के आधार पर तैयार की गई थी। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जामताड़ा पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने थाना प्रभारी एवं छापामारी दल को तत्परता एवं दक्षता के लिए बधाई दी और ऐसे अभियान आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया।
निष्कर्ष: जामताड़ा अब सिर्फ साइबर अपराधियों की धरती नहीं
जामताड़ा का नाम भले ही वर्षों से साइबर अपराध के लिए जाना जाता रहा हो, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग की सक्रियता से यह क्षेत्र सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
इस ताजे मामले में तीन साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और फर्जी दस्तावेजों की बरामदगी यह सिद्ध करती है कि कानून की पकड़ मजबूत हो रही है और जनता को ठगने वालों को अब आसानी से बख्शा नहीं जाएगा।
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

