जम्मू-कश्मीर(JAMMU KASHMIR): जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया। यह घटना रविवार देर रात रामगढ़ सेक्टर के माजरा इलाके की है।
अधिकारियों के अनुसार, घुसपैठिया एक बॉर्डर चौकी के पास से अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। चौकस बीएसएफ जवानों ने उसकी गतिविधियों को भांप लिया और उसे रुकने की चेतावनी दी।
जब घुसपैठिए ने चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी, तो बीएसएफ जवानों ने फायरिंग की, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए पाकिस्तानी नागरिक का शव इंटरनेशनल बॉर्डर के पास पाकिस्तान की तरफ पड़ा हुआ है।
बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर में सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में लगभग 240 किलोमीटर लंबी इंटरनेशनल बॉर्डर है, जिसकी भारतीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ द्वारा की जाती है, जबकि दूसरी ओर पाकिस्तानी रेंजर्स तैनात रहते हैं।
वहीं केंद्र शासित प्रदेश में करीब 740 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) है, जो बारामूला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिलों से गुजरती है। एलओसी की सुरक्षा भारतीय सेना के जिम्मे है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बीएसएफ और सेना की तैनाती सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। पाकिस्तान की ओर से भेजे जाने वाले ड्रोन का इस्तेमाल आतंकी संगठनों द्वारा हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है।
इन पेलोड्स को आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर्स उठाकर आतंकियों तक पहुंचाते हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी एवं तस्करी विरोधी अभियान चला रहे हैं। माना जाता है कि ड्रग तस्करी और हवाला नेटवर्क से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को जिंदा रखने के लिए किया जाता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

