रांची(RANCHI): झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों के लिए अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुर्गा पूजा से पहले बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री ने 1 वर्ष के लिए अनुबंध के आधार पर सेवा अवधि में विस्तार देने का आदेश दिया है.
अब इससे संबंधित प्रस्ताव को गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेगा. सीएम के आदेश से सहायक पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली है क्योंकि हर साल अगस्त महीना शुरू होते ही इस बात की आशंका बनी रहती है कि अगर सेवा अवधि को विस्तार नहीं मिला तो उनकी नौकरी चली जाएगी.
दरअसल, झारखंड में कुल 2200 सहायक पुलिसकर्मी है. इनमें महिलाएं भी हैं. तत्कालीन रघुवर सरकार के कार्यकाल में 12 जिलों (दुमका, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा और लातेहार) में अनुबंध के आधार पर इनकी नियुक्ति हुई थी. पिछले साल लंबे आंदोलन के बाद उनकी मांगों पर विचार कर वेतन को दस हजार से बढ़ाकर 13 हजार कर दिया गया था. साथ ही वर्दी भत्ता के रूप में 4000 रु अतिरिक्त देने पर भी सहमति बनी थी.
बता दें कि वर्ष 2017 में राज्य के विभिन्न जिलों में 2500 सहायक पुलिस कर्मियों की बहाली 10 हजार के वेतनमान पर हुई थी. नक्सल प्रभावित जिलों के युवा नक्सलियों के प्रभाव में आकर भटक न जाएं, इसको ध्यान में रखते हुए इनका मुख्य धारा से जोड़ा गया था. शुरुआती दौर में इनका मुख्य काम था नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखना और इसकी सूचना पुलिस को देना. लेकिन बाद के दिनों में उनकी सेवा ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर विधि व्यवस्था संभालने से जुड़े कार्यों में ली जाने लगी.
पूर्व में इनको इन्हीं के जिले में रहकर सेवा देनी थी लेकिन बाद में इन्हें दूसरे जिलों में भी भेजा जाने लगा. खास बात है कि इनको अनुबंध पर रखा गया था. अब हर साल इनका मामला सामने आ जाता है. साल 2024 में सहायक पुलिसकर्मियों ने सेवा नियमितीकरण के साथ-साथ मानदेय में इजाफे को लेकर लंबा आंदोलन किया था.
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट
