सरयू राय का बड़ा बयान, हेमंत सोरेन को कांग्रेस-भाजपा से अलग सरकार बनाने का दिया ऑफर…

सरयू राय का बड़ा बयान, हेमंत सोरेन को कांग्रेस-भाजपा से अलग सरकार बनाने का दिया ऑफर…

धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सोनारडीह ओपी स्थित टांडाबस्ती में हुए भू-धसान की दर्दनाक घटना के बाद शुक्रवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय पीड़ितों का हालचाल लेने घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि राज्य की सियासत को लेकर भी बड़ा बयान दे दिया।

घटनास्थल पर पहुंचकर सरयू राय ने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन से त्वरित राहत एवं पुनर्वास की मांग की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने असम चुनाव को लेकर कांग्रेस और जेएमएम के बीच चल रही खींचतान पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने जेएमएम को हिस्सेदारी नहीं दी और अब असम चुनाव में भी यही स्थिति बन रही है। उनके मुताबिक, जहां गठबंधन की गुंजाइश होती है, वही कांग्रेस अपने सहयोगियों को हिस्सेदारी देती है, ताकि गठबंधन से सरकार बची रहे।

सरयू राय ने आगे बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस और भाजपा से अलग नई सरकार बनाने का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात को देखते हुए ऐसी सरकार बन सकती है और वे खुद इसका समर्थन करने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा- “हेमंत सोरेन चाहें तो बिना कांग्रेस और भाजपा के सरकार बना सकते हैं। हम जैसे कुछ विधायक उन्हें बिना शर्त समर्थन देंगे।” इस दौरान सरयू राय ने बिना कांग्रेस-भाजपा से गठबंधन किए झारखंड में सरकार बनाने को लेकर जादुई आंकड़ा भी हेमंत सोरेन को बता दिया। हां उन्होंने यह जरूर कहा कि यह सरकार थोड़ी अस्थिर होगी, लेकिन इसे स्थिर करने के लिए मैं इस सरकार को अपना समर्थन दे दूंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि असम चुनाव के बाद हवा का रुख क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और जेएमएम के बीच चल रही बयानबाजी को लेकर भी सवाल उठाए।

सरयू राय ने कहा कि चुनाव के बाद यही दल फिर साथ आकर मतभेद खत्म होने की बात करेंगे, लेकिन वर्तमान बयानबाजी से गठबंधन की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड के अफसरों को “माफिया” कहना सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला है। ऐसे में यदि हेमंत सोरेन अपने राजनीतिक कद को बड़ा मानते हैं, तो उन्हें नई राह अपनानी चाहिए।

अब देखना दिलचस्प होगा कि असम चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं और क्या हेमंत सोरेन इस ऑफर पर कोई कदम उठाते हैं या नहीं।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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