अब कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले को लेकर विपक्ष और जनता के बीच सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। यह कदम राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है, लेकिन इसके आर्थिक प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कर्नाटक सरकार ने डीजल की बिक्री पर सेल्स टैक्स में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसके चलते डीजल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई हैं।
इसके बाद राज्य में डीजल की प्रति लीटर कीमत 91.02 रुपये हो गई है। पहले डीजल पर सेल्स टैक्स 18.44 फीसदी था, जो अब बढ़कर 21.17 फीसदी हो गया है।
अधिसूचना के तहत लिया गया फैसला
कर्नाटक सरकार ने इस वृद्धि के लिए एक अधिसूचना जारी की है। यह कदम कर्नाटक बिक्री कर अधिनियम 1957 की धारा 8A के तहत लिया गया है।
सरकार ने 15 जून 2024 के सरकारी बजट में प्रकाशित अधिसूचना में संशोधन करते हुए यह बदलाव किया।
ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने का खतरा
डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टेशन चार्जेज में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ सकता है।
कर्नाटक में हाल के महीनों में दूध सहित कई चीजों की कीमतों में बदलाव देखा गया है, जिसके चलते कांग्रेस सरकार को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस सरकार पर सवाल
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने चुनाव के दौरान कई मुफ्त योजनाओं (फ्रीबीज) की घोषणा की थी।
अब कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले को लेकर विपक्ष और जनता के बीच सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। यह कदम राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है, लेकिन इसके आर्थिक प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

