झारखंड(JHARKHAND): रमकंडा का सूरज अपने शिखर पर था, लू के थपेड़ों से धरती तप रही थी। लेकिन प्रखंड कार्यालय के सामने जो कुछ हुआ, उसने माहौल को और भी गरमा दिया। BDO संजय कोंगड़ी के गूंजते हुये थप्पड़ ने रोजगार सेवक संजय लकड़ा की इज्जत को चौराहे पर नीलाम कर दिया। भीड़ देख रही थी, मगर किसी की हिम्मत नहीं थी कि आगे बढ़कर सत्ता की इस हनक को रोक सके। गढ़वा के रमकंडा प्रखंड का बलिगढ़ पंचायत—जहां रोजगार सेवक ग्रामीणों के लिये रोजगार और विकास की आस बनकर काम कर रहा था। लेकिन बीते मंगलवार, जब BDO खुद पंचायत भवन पहुंचे और ग्रामीणों को नदारद पाया, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आवेश में आकर उन्होंने न सिर्फ खरी-खोटी सुनाई, बल्कि सबके सामने संजय लकड़ा को एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया। शाम ढल रही थी, लेकिन रोजगार सेवक की आंखों में उमड़े अपमान के बादल अब भी नहीं छंटे थे। उसने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन सत्ता के रसूख ने उसे धमकी देकर चुप करा दिया—”अगर ज्यादा जुबान चलाई तो नौकरी से हाथ धो बैठोगे।” इधर, गांव के चौक-चौराहों पर कानाफूसी शुरू हो गई। लोगों के चेहरे पर आक्रोश था, मगर सरकारी डंडे के डर से जुबां खामोश थी। कुछ दिनों तक मामला दबा रहा, लेकिन रविवार को वायरल हो गया। इसी बीच मनरेगा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बसंत सिंह ने इस घटना को प्रशासनिक तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा—“हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे, BDO पर FIR होगी, और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी।” इस मसले पर जब BDO संजय कोंगड़ी से पूछा गया, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया—“ये सब झूठे आरोप हैं, मैंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा।”
NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

