सदर अस्पताल की व्यवस्था पर फूटा युवाओं का गुस्सा, स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन…

सदर अस्पताल की व्यवस्था पर फूटा युवाओं का गुस्सा, स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन…

ICU, वेंटिलेटर, डॉक्टर सहित आधारभूत संरचनाओं की कमी के खिलाफ आवाज़

जामताड़ा(JAMTADA):जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से आक्रोशित युवाओं का गुस्सा शनिवार की शाम सुभाष चौक पर फूट पड़ा। युवा मंच, जामताड़ा के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. इरफान अंसारी का पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी युवाओं ने स्वास्थ्य मंत्री को “रील मंत्री” की संज्ञा देते हुए लचर स्वास्थ्य प्रणाली, अधूरी आधारभूत संरचनाओं, और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर सरकार की घोर निष्क्रियता पर तीखा हमला बोला।

मुख्य मांगें और आक्रोश के कारण:
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने जामताड़ा सदर अस्पताल की भयावह स्थिति को केंद्र में रखते हुए कहा कि:

  • अस्पताल में न तो ICU की सुविधा है, न ही वेंटिलेटर।
  • योग्य डॉक्टरों की भारी कमी है जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
  • विगत दिनों पांडेडीह में दलित महिला की इलाज के अभाव में मौत और पट्टाजोरिया मोड़ पर सड़क दुर्घटना में घायल पांडव यादव की असमय मौत इस असंवेदनशील व्यवस्था का ज्वलंत उदाहरण है।
    प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 31 जुलाई को सड़क दुर्घटना में घायल युवक के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा को बार-बार कॉल किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः टोटो से सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति के कारण मरीज को रेफर कर दिया गया और रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
    साथ ही नारायणपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक एम्बुलेंस का तेल खत्म हो जाना भी सरकारी लापरवाही का प्रतीक बताया गया।
  • अन्य मुद्दे भी विरोध का कारण:
    स्वास्थ्य व्यवस्था के अतिरिक्त प्रदर्शनकारियों ने जिले की आधारभूत संरचनाओं और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। मुख्य आरोप थे:
  • दक्षिणबहाल और सोनबाद पुल का निर्माण वर्षों से लंबित है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।
  • जिले में B.Ed और पॉलिटेक्निक कॉलेज की अनुपस्थिति उच्च शिक्षा के लिए पलायन को मजबूर कर रही है।
  • पीजी (परास्नातक) शिक्षा की व्यवस्था नहीं होना भी युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रहा है।
    नारेबाजी और राजनीतिक संदेश:
    आंदोलनकारियों ने “स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद, रील मंत्री मुर्दाबाद”, “लचर व्यवस्था दुरुस्त करो”, “दक्षिणबहाल पुल अविलंब बनाओ”, “शिक्षा व्यवस्था सुधारो” जैसे गगनभेदी नारे लगाए। युवाओं का कहना था कि मंत्री इरफान अंसारी कैमरे के सामने और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं लेकिन ज़मीनी समस्याओं से बेखबर हैं।
  • प्रदर्शन में मौजूद प्रमुख चेहरे:
    इस विरोध प्रदर्शन में जामताड़ा के विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों से आए दर्जनों युवा शामिल थे। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
    रिजवान शेख, जसीम अंसारी, परमेश्वर दास, विक्रम दास, मंतोष महतो, किशोर मंडल, बासुदेव दास, राजकिशोर महतो, रामप्रसाद दास, शिशु सिंह, राकेश गुप्ता, सागर बाउरी, राहुल दास, अजय राउत, राजा अंसारी, शरद दास, अभिजीत दास, विपिन दास, संदीप मिर्धा, प्रकाश कुमार, अर्जुन रजवार, बरकत अंसारी, जीतन मिर्धा, राजेश महतो, इरफान अंसारी समेत अन्य।
  • प्रशासन की चुप्पी पर आंदोलन का अल्टिमेटम
    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री और उनके निजी सलाहकार को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। यदि जल्द स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जिला मुख्यालय का घेराव और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

जामताड़ा में युवाओं का यह प्रदर्शन न केवल लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर तमाचा है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि अब जनता सिर्फ वादों से नहीं मानेगी — उन्हें परिणाम चाहिए, समाधान चाहिए।

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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