संथाली समाज की धड़कन—सरहुल पूजा में दिखा पारंपरिक उल्लास

संथाली समाज की धड़कन—सरहुल पूजा में दिखा पारंपरिक उल्लास

गोमो(GOMO):गोमो के लक्ष्मीपुर में आयोजित सरहुुुल पूजा महोत्सव झारखंड और आसपास के आदिवासी समुदायों का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रकृति के प्रति उनकी गहरी आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नए पत्तों, फलों और फूलों की उत्पत्ति की खुशी मनाना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना होता है।

यह पूरे माहौल को जैसे संथाली संस्कृति के रंग में रंग गया। किशोरियों और महिलाओं के कदमों की थिरकन और नित्य से सभी मैं एक नई ऊर्जा देखने को मिली । आदिवासी संस्कृति की खुशबू से सराबोर इस उत्सव में हर कोई झूम उठा।

“यह सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति को धन्यवाद देने की परंपरा है, जिससे हर साल हरियाली बनी रहे!” और सच में, इस महोत्सव ने साबित कर दिया कि परंपराएं जितनी पुरानी होती हैं, उतनी ही ताजगी और जोश से मनाई जाती हैं।

इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य हीरामन नायक, अध्यक्ष शंकर हेंम्ब्रम, उपाध्यक्ष संजय मरांडी, कोषाध्यक्ष बीरबल बस्के, छोटेलाल सोरेन, मनोज किस्कू , संजीत मरांडी, महानंद सोरेन, मुकेश मरांडी, अभिजीत सोरेन, दुर्जन बस्के, दिनेश सोरेन, लाल देव हेंम्ब्रम कई गणमान्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

NEWSANP के लिए गोमो से सबिता बर्नवाल की रिपोर्ट

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