शिमला में आवारा कुत्तों पर नजर रखने के लिए खास अभियान, आक्रामक को दी अलग रंग से पहचान…

शिमला में आवारा कुत्तों पर नजर रखने के लिए खास अभियान, आक्रामक को दी अलग रंग से पहचान…

नई दिल्ली(NEW DELHI): दिल्ली में सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने या नहीं भेजने को लेकर जारी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश में शिमला नगर निगम (SMC) ने एक अनोखी पहल करने जा रही है। इसके तहत वह शहर में आवारा कुत्तों को GPS तकनीक वाले कॉलर पहनाना शुरू करने वाली है, जिन पर क्यूआर कोड भी लगे होंगे। इनको लगाने का मकसद यह है कि इससे ना केवल उनकी मौजूदा लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा, बल्कि टीकाकरण की स्थिति और अन्य विवरणों का भी रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा शहर में रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद रेबीज से संबंधित मौतों को कम करना और जन सुरक्षा में सुधार करना है।

इस पहल की जानकारी देते हुए महापौर सुरिंदर चौहान ने कहा कि ‘हमारा टीकाकरण और नसबंदी अभियान पिछले कुछ समय से चल रहा है। अब, रेबीज के मामलों को कम करने के लिए हमने कुत्तों के लिए रेबीज-रोधी टीकाकरण शुरू किया है। अब तक 2,000 कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है। इसके साथ ही, हम क्यूआर कोड वाले कॉलर भी लगा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करने पर कुत्ते की स्थिति का पता चल जाएगा। इसकी मदद से कुत्ते प्रेमी और पशु कल्याण समूह भी उन्हें ट्रैक कर सकते हैं।’

आक्रामक कुत्तों की पहचान के लिए लगाया जाएगा खास टैग
उन्होंने कहा कि ‘आक्रामक कुत्तों के लिए, हम एक लाल टैग लगाएंगे ताकि उन्हें अलग से पहचाना और संभाला जा सके। साथ ही हम जनता को शिक्षित कर रहे हैं, सामाजिक संगठनों के साथ काम कर रहे हैं, और एक बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान शुरू कर रहे हैं।’

चौहान ने आगे कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि शिमला देश का पहला शहर है जिसने इस तरह की पहल की है। गोवा, मुंबई, महाराष्ट्र, पटियाला और हिमाचल प्रदेश के रामपुर के संगठन हमारे साथ जुड़े हैं। इस कार्यक्रम के दौरान भारत में पहली बार कुत्तों की गिनती भी की जाएगी, जिसमें प्रत्येक आवारा कुत्ते का विवरण डिजिटल किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से इस अभियान का समापन करेंगे।’

उधर इस बारे में जानकारी देते हुए शिमला के विधायक हरीश जनार्था ने कहा कि शहर में कुत्तों के काटने के मामले बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। ‘जब भी हमने आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की, गैर-सरकारी संगठनों या अदालतों की ओर से आपत्तियां आईं। हमने सबसे पहले नर और मादा दोनों कुत्तों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए और फिर उनकी नसबंदी की। वर्तमान में शिमला के 34 वार्डों में 4 से 4.5 आवारा कुत्ते हैं। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू हुआ और 29 अगस्त तक चलेगा।’

NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

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