शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे को लेकर बंगाल विधानसभा 2026 के चुनावी मैदान मे उतरेंगे आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी…भाजपा को हराना होगा पहला लक्ष्य और सत्ताधारी पार्टी को सबक सीखना…

शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे को लेकर बंगाल विधानसभा 2026 के चुनावी मैदान मे उतरेंगे आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी…भाजपा को हराना होगा पहला लक्ष्य और सत्ताधारी पार्टी को सबक सीखना…

जामुड़िया(WEST BENGAL): पश्चिम बंगाल आसनसोल के जामुड़िया विधानसभा इलाके मे स्थित विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम के नगरी चुरुलिया पहुँचे आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने पश्चिम बंगाल मे होने वाले विधानसभा 2026 के चुनाव से पहले चुनाव लड़ने की घोषणा कर डाली है और उन्होंने यह भी साफ कह दिया है की वह इस चुनावी मैदान मे सिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दे को लेकर उतरेंगे, जिसमे उनका पहला लक्ष्य होगा भाजपा को हराना इसके अलावा उनको दूसरा लक्ष्य होगा राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल को सबक सीखना, उन्होंने कहा राज्य की सत्ताधारी पार्टी कह रही है की वह मुसलमान के लिये अच्छा काम कर रही है, दलित के लिये अच्छा काम कर रही है, आदिवासी के लिये अच्छा काम कर रही है, पर हम जब इलाज के लिये अस्पताल जाते हैं, तब दवा नही मिलता, डॉक्टर नही मिलता, हमारे बच्चे जब स्कुल मे सिक्षा लेने के लिये जाते हैं, उस सिक्षा से भी वह वंचित होते जा रहे हैं, 2012 से लेकर 2024 तक देख लीजिये बंगाल मे 25000 प्राइमरी स्कुल बंद कर दिया गया है, इस लिये हम और हमारी राज्य की जनता चाह रही है की इस बार बंगाल मे जो भी सरकार आए वह सिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार लेकर आए, इस दौरान नौशाद सिद्दीकी ने
काजी नजरुल और उनकी पत्नी पर्मिला देवी की समाधी के पास भी गए जहाँ उन्होंने समाधी को नमन किया, इसके अलावा वह काजी नजरुल के आवास पर भी गए जहाँ उन्होंने काजी नजरुल के इस्तेमाल किए गए सामग्रीयों निशानियों का भी उन्होंने दर्शन किया, वहीं उन्होंने राज्य सरकार द्वारा काजी नजरुल के जर्ज़र स्थिति मे पड़ी आवास और म्यूजियम को अनदेखी करने की खूब निंदा की और इलाके के लोगों को यह कहा की समय आ गया है परिवर्तन होने का, वहीं नौशाद सिद्दीकी बराबनी के दोमोहानी भी पहुँचे जहाँ विद्रोही कवि काजी नजरुल एससीएसटी संस्था द्वारा आयोजित की गई रक्तदान शिविर मे पहुँचे, शिविर मे पहुंचकर उन्होंने अपने समर्थकों को सम्बोधित किया और यह कहा की इस रक्तदान शिविर मे कुल 50 लोगों ने रक्तदान किया है, बाकि के करीब 150 लोगों को रक्तदान करने से मना कर दिया गया है, सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा, सत्ताधारी पार्टी के नेता कटमनी और तोलाबाजी का पैसा खा रहे हैं, इसके अलावा उन्होंने सत्ताधारी पार्टी तृणमूल के नेताओं और कर्मियों द्वारा विभिन्न प्रकार के दूरनीतियों को गिनवाया

NEWSANP के लिए अतीक रहमान की रिपोर्ट

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