शिक्षक-अभिभावक बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर…

शिक्षक-अभिभावक बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर…

जामताड़ा(JAMTARA): मिहिजाम स्थित जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय में शनिवार को एक शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। बैठक में महाविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से अभिभावकों को अवगत कराया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन शाह ने कहा कि महाविद्यालय की शैक्षणिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी नियमित रूप से कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की कक्षा उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, प्रायोगिक कक्षाओं में भागीदारी आदि पर नजर रखें।

प्राचार्य ने कहा कि छात्रों को नियमित कक्षा में उपस्थित होकर विषय की गहराई से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ गेस पेपर पढ़ने से विद्यार्थियों को सतही ज्ञान ही प्राप्त होता है, जबकि पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से विषयवस्तु को बेहतर समझा जा सकता है।

सेमेस्टर परीक्षाओं की प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रायोगिक विषयों में प्रैक्टिकल परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड का नियमित अवलोकन करने की सलाह दी गई, ताकि वे किसी भी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहें।

प्राचार्य शाह ने बताया कि महाविद्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ शिक्षकों को आमंत्रित किया जाता है। छात्रों को इन सेमिनारों में भाग लेकर अपने ज्ञान को समृद्ध करने का अवसर प्राप्त होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत महाविद्यालय में विभिन्न सामाजिक व राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विद्यार्थी सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। कई छात्र राष्ट्रीय स्तर के एनएसएस कार्यक्रमों में भी भाग ले चुके हैं।

नामांकन से संबंधित जानकारी देते हुए प्राचार्य ने कहा कि विषयों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत महाविद्यालय में रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विद्यार्थी किसी विषय में कम अंक लाता है और प्रमोट कर दिया जाता है, तो उसे उस विषय की परीक्षा में दोबारा सम्मिलित होकर उत्तीर्ण करना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने का भी अनुरोध किया।

बैठक के दौरान उपस्थित अभिभावकों—सोमनाथ साह, मोहम्मद इकबाल और बाबूराम—ने अपने विचार और सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम का मंच संचालन देवकी पंजियारा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. राकेश रंजन ने किया।

इस अवसर पर आईयूपीएसी कोऑर्डिनेटर डॉ. सोमेन तय सरकार, परीक्षा नियंत्रक रंजीत यादव, शंभू सिंह, अरविंद सिन्हा, रामप्रकाश दास, शबनम खातून, पुष्पा टोप्पो, डॉ. किरण बरनवाल, अमिता सिंह, दिनेश किस्कु, बासुकीनाथ प्रसाद, उपेंद्र पांडे, अमित शर्मा, राजकुमार मिस्त्री, दिनेश रजक, रेखा शर्मा सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

इस बैठक के माध्यम से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद की एक मजबूत कड़ी बनी, जिससे छात्र हित में सामूहिक प्रयासों की दिशा तय होती दिखी।

NEWSANP के लिए धनबाद से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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