शहीद जवान सुनील कुमार पासवान को दी गई अंतिम विदाई, पूरा क्षेत्र शोक में डूबा…

शहीद जवान सुनील कुमार पासवान को दी गई अंतिम विदाई, पूरा क्षेत्र शोक में डूबा…

जामताड़ा(JAMTADA):बुधवार रात पश्चिम बंगाल के सालानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डोमदाहा में अज्ञात अपराधियों द्वारा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान सुनील कुमार पासवान की नृशंस हत्या के बाद गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बढ़ईपाड़ा, मिहिजाम पहुंचा, तो समूचे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई।

1. परिजनों में कोहराम, गांव में मातम:

पोस्टमार्टम के उपरांत जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। उनकी पत्नी, दो बेटियाँ, छोटा बेटा और परिजन शव से लिपट कर विलाप करने लगे। ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आँख नम थी। लोगों का कहना था कि “सुनील केवल एक सैनिक नहीं, पूरे गांव की शान थे।”

2. अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग:

हजारों की संख्या में आसपास के गांवों और कस्बों से लोग शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर वर्ग और धर्म के लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। हाथों में तिरंगे और पुष्प लिए ग्रामीणों की भीड़, राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नारों के साथ विदाई देने पहुंची।

3. प्रशासनिक और राजनीतिक सम्मान:

शव पहुंचते ही जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मिहिजाम नगर परिषद अध्यक्ष कमल गुप्ता, उपाध्यक्ष शांति देवी, और स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। साथ ही, उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए सरकार से शहीद का दर्जा देने और परिवार को उचित मुआवज़ा देने की मांग की।

4. सलामी समारोह: सम्मान और गर्व का क्षण

a. जिला पुलिस की अंतिम सलामी:

जामताड़ा जिला पुलिस के जवानों द्वारा पारंपरिक सम्मान के साथ शहीद जवान को अंतिम सलामी दी गई। डीएसपी स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने सिपाहियों को पंक्तिबद्ध कर ‘राइफ़ल ऑन शोल्डर’ और ‘रेस्ट इन पीस फायर’ की प्रक्रिया में भागीदारी दिलवाई। बैंड की धुन पर तिरंगे में लिपटे शव को सलामी दी गई, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया।

b. सीआईएसएफ की सैन्य शैली में श्रद्धांजलि:

सीआईएसएफ के जवानों ने सेना के अनुशासन के अनुसार तीन राउंड फायरिंग कर शहीद को अंतिम सलामी दी। जवानों ने क्रमवार सलामी दी और ‘भारत माता की जय’ व ‘वीर जवान अमर रहें’ जैसे नारों से वातावरण को गूंजा दिया। यह दृश्य अत्यंत मार्मिक और देशभक्ति से ओतप्रोत था।

5. बेटे ने दी मुखाग्नि, आंखें हुईं नम:

चित्तरंजन बर्निघाट में गुरुवार शाम को शहीद के बड़े पुत्र ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि के समय मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। भारत माता की जय और शहीद जवान अमर रहें के नारों के बीच पूरा माहौल गमगीन किंतु गर्व से भरा हुआ था।

6. प्रशासन से न्याय की मांग:

विधानसभा और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक स्वर में प्रशासन से तीव्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। शहीद के परिजनों को सुरक्षा, स्थायी रोजगार और सरकारी सहायता की मांग उठी। स्थानीय लोगों ने साफ तौर पर कहा कि “यदि जवान भी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी?”

7. सीआईएसएफ की मांग: शहीद का दर्जा और परिवार को सुरक्षा:

सीआईएसएफ के अधिकारियों ने इस हत्या को ‘राष्ट्रीय अपमान’ बताते हुए शहीद सुनील कुमार पासवान को ‘सरकारी शहीद का दर्जा’ दिए जाने की मांग केंद्र सरकार से की है। साथ ही, परिवार के किसी एक सदस्य को सेवा में लिए जाने और स्थायी सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है।

निष्कर्ष:

शहीद जवान की अंतिम यात्रा केवल एक शव यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सम्मान और जनआक्रोश का प्रतीक बन गई। प्रशासन के लिए यह सिर्फ एक केस नहीं, सार्वजनिक विश्वास और सुरक्षा तंत्र की अग्निपरीक्षा है। अब देखना होगा कि सरकार इस शहादत का किस स्तर पर उत्तर देती है – क्या यह भी मात्र एक आंकड़ा बन कर रह जाएगा, या देश एक सच्चे रक्षक को न्याय दिलाकर उसकी शहादत को सार्थक बनाएगा?

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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