नई दिल्ली(NEW DELHI): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin India Visit) 2 दिन के भारत दौरे पर आ चुके हैं. यूक्रेन के साथ रूस की जंग शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है. पुतिन गुरुवार (4 दिसंबर) की शाम करीब 6:30 बजे नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पहले ही एयरपोर्ट पहुंच चुके थे. मोदी ने गले लगाकर पुतिन का वेलकम किया. एयरपोर्ट से दोनों नेता एक ही कार में दिल्ली के हैदराबाद हाउस के लिए रवाना हो गए. वहां PM मोदी ने पुतिन के सम्मान में एक प्राइवेट डिनर रखा है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन करीब 30 घंटे तक भारत में रहेंगे. उनका यह दौरा भारत-रूस के बीच रणनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने पर हो रहा है. अक्टूबर 2000 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और तत्कालीन PM अटल बिहारी वाजपेयी ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की थी.आखिरी बार पुतिन 6 दिसंबर 2021 को भारत दौरे पर आए थे.
PM मोदी बोले- अपने दोस्त का स्वागत कर खुश हूं
इस बीच PM मोदी ने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. मोदी ने कहा, “अपने दोस्त, राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. आज शाम और कल हमारी बातचीत का बेसब्री से इंतजार है. भारत-रूस की दोस्ती मुश्किल समय की कसौटी पर खरी उतरी है और इससे हमारे लोगों को बहुत फायदा हुआ है.”
5 दिसंबर को क्या-क्या करेंगे पुतिन?
- 5 दिसंबर को सुबह 9 बजे राष्ट्रपति भवन में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
- सुबह 10 बजे पुतिन राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे.
- सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में 23वीं भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे.
- दोपहर करीब 1:50 बजे दोनों नेताओं की ओर से प्रेस नोट या ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी करने की भी उम्मीद है.
- शाम 4 बजे पुतिन हैदराबाद हाउस में ही भारत-रूस बिजनेस फोरम को एड्रेस करेंगे.
- शाम 5 बजे पुतिन भारत मंडपम में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे.
- शाम 7 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर होस्ट करेंगी.
दिल्ली में कहां रुकेंगे पुतिन?
ITC मौर्या होटल के ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट को चाणक्य सुइट के नाम से जाना जाता है. ये होटल की 14वें फ्लोर पर है. भारत में ये सुइट अमेरिका के राष्ट्रपतियों का पसंदीदा ठिकाना है. जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन, बराक ओबामा और डॉनल्ड ट्रंप यहां ठहर चुके हैं. अब दो दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी यहीं रुकेंगे. हालांकि, उनके सारे प्रोग्राम हैदराबाद हाउस में होंगे. वहीं, भारत मंडपम में पुतिन बिजनेस लीडर्स से मिलेंगे.
23वीं भारत-रूस समिट
भारत-रूस समिट शुक्रवार (5 दिसंबर) सुबह 11 बजे से हैदराबाद हाउस में शुरू होगा. इसका फोकस रक्षा सहयोग बढ़ाना,द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबाव से बचाना और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने पर रहेगा. इस समिट में देशों के बीच 9 एग्रीमेंट होने की उम्मीद है.भारत अपने दोस्त रूस से और ज्यादा S-400 और इसके अपडेट वर्जन S-500 को खरीदने को लेकर डील कर सकता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने कई पाकिस्तानी जेट्स मार गिराए थे. तब से इसकी डिमांड बढ़ गई है.
पुतिन और मोदी साइन कर सकते हैं ये 9 डील
S-400 डिफेंस सिस्टम: भारत अपने दोस्त रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीद सकता है.
पैंटसीर एयर डिफेंस: रूस से भारत शॉर्ट रेंज की पैंटसीर एयर डिफेंस सिस्टम की डील कर सकता है. पैंटसीर ड्रोन, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को मार गिराने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
वोरोनेज रडार सिस्टम: वोरोनेज रडार सिस्टम रूस का एक आधुनिक प्रारंभिक चेतावनी रडार है, जिसे लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और विमानों की निगरानी के लिए बनाया गया है.
रूसी तेल खरीद:पुतिन के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच क्रूड ऑयल खरीद को लेकर नई डील हो सकती है.
सैन्य समझौता: दोनों देशों के बीच इस साल फरवरी में रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट (RELOS) पर साइन हुए थे. अब इस समझौते को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले मंजूरी मिलने वाली है.
UPI पेमेंट सिस्टम: भारत का RuPay कार्ड रूस में और रूस का Mir कार्ड भारत में चलेगा. इसके साथ ही भारत का UPI और रूस का पेमेंट सिस्टम इंटरकनेक्ट हो जाएगा.
माइग्रेशन डील: इसके साथ ही रूस के साथ एक और डील होगी, जिसके बाद भारतीय कामगार रूस में जाकर आसानी से काम कर सकते हैं. दोनों देश एक स्किल डेवलपमेंट समझौते पर भी बात कर सकते हैं.
स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी: भारत और रूस स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, साइंस-टेक्नीक, व्यापार और पोर्ट्स के विकास पर भी बातचीत करने वाले हैं.
एनर्जी प्रोजेक्ट: एनर्जी भी इस विजिट के दौरान एक बड़ा मुद्दा रहेगा. रूस, भारत को आर्कटिक रीजन की एनर्जी परियोजनाओं में निवेश का मौका भी दे सकता है.
भारत-रूस बिजनेस फोरम
शाम 4 बजे पुतिन हैदराबाद हाउस में ही भारत-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करने वाले हैं. गुरुवार को फोरम की मीटिंग हुई. इसमें केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रूस के प्रेसिडेंट ऑफिस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ मैक्सिम ओरेश्किन, फिक्की के चेयरमैन अनंत गोयनका ने अपनी बात रखी. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत- रूस के बीच इस फोरम की बहुत बड़ी भूमिका है जो संबंधों को और गहरा, बेहतर बनाएगी. फिक्की इस संबंध में एक ब्रिज का काम करेगा और इसे मजबूत बनाएगा.
भारत मंडपम में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात
इसके बाद पुतिन शुक्रवार शाम 5 बजे भारत मंडपम में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे. इस दौरान देश के जाने-माने कारोबारियों, उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की उम्मीद है.
राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी डिनर की मेजबानी
अपने दौरे के आखिरी बार पड़ाव पर पुतिन शुक्रवार शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे. वहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर की मेजबानी करेंगी. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, PM नरेंद्र मोदी समेत तमाम केंद्रीय मंत्री इसमें मौजूद रहेंगे. भारत में करीब 30 घंटे बिताने के बाद पुतिन 5 दिसंबर की रात 9 बजे रूस के लिए रवाना हो जाएंगे.
भारत के लिए क्यों अहम है पुतिन का दौरा?
भारत-रूस संबंध सोवियत काल से चले आ रहे हैं. पुतिन ने इस रिश्ते पर सबसे अधिक ध्यान दिया है. पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का बोझ बढ़ा रखा है. अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा रखा है. अमेरिका में ट्रंपकाल लौटने के बाद भारत-अमेरिका संबंध सबसे खराब दौर में चले गए हैं. ऐसे में PM मोदी एक बार फिर से अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत करना चाहते हैं.
पुतिन का दौरा भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता की असली परीक्षा है और बैलेंस बनाने की एक कोशिश भी. इससे भारत दुनिया को ये मैसेज देने की कोशिश करेगा कि वह पुतिन का भरोसेमंद साझेदार है और साथ ही ट्रंप या यूरोप को भी पूरी तरह नाराज नहीं कर रहा.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

