
गोमो(GOMO): कतरास क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जम्मू ताड़ के उपरी टोला मंदिर में आज का दिन एक यादगार अध्याय बनकर दर्ज हो गया। यह कोई साधारण दिन नहीं था — यह वह दिन है जब आस्था, उत्साह, संगीत और श्रद्धा की भावनाएं एक साथ उमड़ पड़ीं। कल निकाली गई भव्य कलश यात्रा के बाद आज देवी-देवताओं की प्रतिमाएं पूरे सम्मान और भावनात्मक विदाई के साथ विसर्जित की गईं। लेकिन इस बार की विसर्जन यात्रा कुछ खास थी — इसमें तड़प थी, धड़कन थी, और DJ की बीट्स पर थिरकती आस्था की रफ्तार थी।
जैसे ही सूरज की पहली किरणें मंदिर के शिखर को छूने लगीं, वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। पूरे गाँव में एक अलग ही ऊर्जा बह रही थी। हर चेहरे पर उत्साह, हर आंख में भक्ति की चमक, और हर दिल में माँ के प्रति अपार श्रद्धा साफ झलक रही थी।
महिलाएं, युवतियाँ, बच्चे, और वृद्ध — सभी पूरे जोश और उत्साह से DJ की धुनों पर झूमते हुए विसर्जन यात्रा को और भी जीवंत बना रहे थे। सड़कों पर गूंजते “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” जैसे नारों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया था। DJ की तेज़ बीट्स पर थिरकते कदमों ने मानो गाँव की हर गली को मंदिर में बदल दिया। यह दृश्य केवल धार्मिक नहीं था, यह संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम था।
विसर्जन स्थल की ओर बढ़ती भीड़ के साथ माहौल में धीरे-धीरे एक अनकही उदासी घुलने लगी। जब भगवान की प्रतिमाएं जल में प्रवाहित की जा रही थीं, तो कई आँखें नम हो उठीं। कुछ बुज़ुर्ग श्रद्धालु आँखें मूंदे प्रार्थना में लीन थे, तो कुछ छोटे बच्चे हाथ जोड़कर विसर्जन का दृश्य देख रहे थे। यह विदाई सिर्फ प्रतिमा की नहीं थी, यह उन भावनाओं की थी जो पूरे वर्ष भक्तों के दिल में पलती हैं।
मगर यही तो भक्ति की खूबसूरती है — जुदाई में भी मिलन की उम्मीद होती है। और ठीक वैसा ही हुआ। जैसे ही प्रतिमाएं जल में प्रवाहित की गईं, श्रद्धालुओं ने फिर से DJ की धुनों पर नाचना शुरू कर दिया। यह नृत्य केवल आनंद का नहीं था, यह माँ के प्रति प्रेम, आस्था और अगले वर्ष पुनः उनके स्वागत की आशा का उत्सव था।
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों ने अहम भूमिका निभाई। मुख्य योगदानकर्ताओं में प्रमुख रूप से मुखिया निरंजन गोप, अध्यक्ष राजू मंडल, सचिव बबलू मंडल, कोषाध्यक्ष नाविक मंडल, सुशील कुमार सिंह, छोटन रजक, पिंटू मंडल, विकास मंडल, लालू मंडल, नरसिंह मंडल, मृत्युंजय मंडल, प्रवीन मंडल, दिवाकर मंडल, अबोद मंडल, एवं कृपाशंकर मंडल की सक्रिय उपस्थिति रही, जिनके सहयोग और समर्पण से यह भव्य आयोजन स्मरणीय बन सका।
NEWSANP के लिए गोमो से सबिता बर्नवाल की रिपोर्ट

