धनबाद(DHANBAD): अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) धनबाद ने आज स्वामी विवेकानंद जी का 164वी जयंती के उपलक्ष्य में MARATHON(RUN FOR DHANBAD) का कार्यक्रम किया जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल मेहता, मुख्य अतिथि रहे मुकेश पांडेय , प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंशु तिवारी ,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका गोराई, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बिक्की ठाकुर , विभाग छात्रा प्रमुख गायत्री कृष्णा, महानगर दो भाग विद्याथी विस्तारक हरगोविंद कुमार पाठक
अभाविप के केंद्रीय छात्र नेता प्रवास के निमित्त धनबाद पधारे बाबूलाल मेहता ने कहा— खेल और चरित्र निर्माण
स्वामी विवेकानंद के लिए खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक साधना थे।
एकाग्रता (Concentration): फुटबॉल को किक मारते समय आपका पूरा ध्यान लक्ष्य पर होता है। यही एकाग्रता जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है।
अनुशासन: खेल हमें नियमों का पालन करना और टीमवर्क (टीम भावना) सिखाते हैं।
मानसिक मज़बूती: खेल हमें हार को स्वीकार करना और दोबारा उठकर लड़ना सिखाते हैं।
मुख्य वक्ता मुकेश पांडेय जी ने कहा – आज जब हम ‘खेलों इंडिया’ (Khelo India) और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों की बात करते हैं, तो हम अनजाने में स्वामी जी के ही उसी विज़न को आगे बढ़ा रहे हैं। स्वामी जी कहते थे कि “यह विश्व एक व्यायामशाला है, जहाँ हम खुद को मज़बूत बनाने के लिए आते हैं।”
यदि हमारे देश का युवा खेल के मैदान में पसीना बहाएगा, तभी वह बीमारियों से मुक्त और मानसिक रूप से सशक्त होगा। एक स्वस्थ युवा ही ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा कर सकता है।
इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे तारक दास जी ने कहा :- भाषण: ओलंपिक – मानवीय साहस और एकता का महाकुंभ
आज मैं दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने खेल आयोजन ‘ओलंपिक’ के बारे में अपने विचार साझा करने के लिए खड़ा हूँ।
ओलंपिक का अर्थ केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है—प्रयास, अनुशासन और अटूट जज़्बा।
धनबाद महानगर के अध्यक्ष डॉ मनोज सिंह ने स्वागत भाषण के साथ सभी खिलाडियों का उत्साह बढ़ाया और सभी अतिथियों का हृदय से स्वागत किया
कार्यक्रम की संयोजक प्रियंका गोराई ने एक पंक्ति के माध्यम से देश की प्रभुत्व को समझाया-
यूनान, मिश्र, रोमा, मिट गये जहाँ से
मगर है बाकी नामों निशा हमारा
कुछ बात है हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहाँ हमारा
इस पंक्ति को कहने का तात्पर्य था कि हम भारतीय हैं हमारी संस्कृति,सभ्यता, चेतना, हमारा प्रकृति के प्रति जुडाव, हमारी दिनचर्या हमारा वैदिक शिक्षा प्रणाली इतनी गहरी एवं इतनी व्यापक है की भूत से लेकर वर्तमान तक ये व्यवस्थाएँ हमें तथा हमारे युवाओं को जोड़ कर रखती है। हम सभी युवाओं को ये विरासत सभी को जोड़ते हुए ले जाना है। साथ ही प्रियंका जी ने सभी टॉप 3 छात्र एवं छात्राओं का घोषणा की
जिसमें छात्रों का नाम इस प्रकार हैं:-
प्राथम स्थाना :- कुंदन कुमार यादव
दूतीय स्थाना :- अंकित कुमार राम
तृतीया स्थान:- महेंद्र महतो
छात्राओं का नाम इस प्रकार हैं:-
प्रथम स्थान:- खुशबू कुमारी
दूतीय स्थान:- रिहाना खातून
तृतीया स्थान :- राजनंदनी कुमारी
कार्यक्रम को समाप्त करते हुए महानगर मंत्री कृष्णा हाजारा ने कहा 12 जनवरी को विवेकानंद जी का जन्द दिन है जिसे विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है और आज के दिन को परिषद् खेलों भारत के मंत्र को लेकर RUN FOR DHANBAD जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया है। परिषद् चाहता हैं और देश भी चाहता हैं कि युवा पढ़ सकता हैं तो पढ़े, लिख सकता है तो लिखे, दौर सकता है तो दौरे यानी जिस फील्ड में जाना चाहें जाए लेकिन अपने लक्ष्य में अपने भविष्य के साथ साथ देश के भविष्य को भी निहित रखे। तभी हम और हमारा भारत @2047 में विश्व गुरु बनने के रास्ते पर चल पाएगा तथा अभाविप का लक्ष्य राष्ट्र पुनर्निर्माण के लक्ष्य को हासिल कर पाएगा।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

