दिल्ली(DELHI): दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आआपा) के विधायकों को रिश्वत की पेशकश के आरोपों के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दी है। एसीबी के अधिकारियों की एक टीम शुक्रवार को केजरीवाल के आवास पर पहुंची और उन्हें नोटिस दी। इस नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा आम आदमी पार्टी के विधायकों को रिश्वत की पेशकश के आरोपों की जांच कर रही है। यह आरोप बेहद गम्भीर हैं और इसलिए मामले की सच्चाई जानने के लिए एसीबी की तत्काल जांच और हस्तक्षेप की आवश्यकता है। एसीबी ने केजरीवाल से आज किसी भी सुविधाजनक समय पर उनके एक्स पर सम्बन्धित पोस्ट को लेकर जानकारी मांगी है।
नोटिस में केजरीवाल से पूछा गया है कि क्या आप इस एक्स पोस्ट से सहमत हैं कि आपकी पार्टी के 16 विधायक उम्मीदवारों को रिश्वत की पेशकश की गयी है। एसीबी ने उक्त 16 उम्मीदवारों का ब्यौरा मांगा है। आआपा की लीगल सेल के प्रमुख संजीव नासियार ने बताया कि एसीबी के अधिकारी डेढ़ घंटे पहले बिना नोटिस यहां आये थे। उनके पास न तो नोटिस थी और न ही स्टाम्प। जब हमने उनसे कहा कि वे हमसे कानूनी तौर पर पूछताछ कर सकते हैं और हम उनके साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने हमें नोटिस देने में डेढ़ घंटे लगा दिये।
उन्होंने हमें अब जो नोटिस दी है, उसमें शिकायतकर्ता के बारे में कोई विवरण नहीं है और केवल अरविंद केजरीवाल के एक्स पोस्ट के बारे में विवरण है। वहीं, आआपा नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने एसीबी से इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ध्यान देनेवाली एक और बात यह है कि जब दिल्ली में हत्या, डकैती और बलात्कार के मामलों की बात आती है, तो क्या एलजी उसी तत्परता से कार्रवाई करते हैं। नहीं, वह ऐसा नहीं करते, लेकिन इस मामले में इतनी तत्परता से कार्रवाई देखना अच्छा है। मैंने व्यक्तिगत रूप से जांच का अनुरोध करते हुए एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की है और एसीबी इसकी जांच करेगी।
NEWSANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

