धनबाद(DHANBAD):धनबाद विधायक राज सिन्हा ने धनबाद में चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने को लेकर आज झारखंड विधानसभा के सुन्यकाल के दौरान धनबाद मुख्यालय अंतर्गत प्रमुख अस्पताल एसएनएमएमसीएच में जेनेरिक केंद्र चिकित्सक के अभाव में बंद पड़े होने से धनबाद एवं आसपास के कई जिलों के मरीजों को होने वाली समस्या से अवगत कराया एवं अविलंब विशिष्ट चिकित्सकों के पदस्थापन किये जाने की मांग की.साथ ही धनबाद सदर अस्पताल धनबाद में डे केयर सेंटर में दवाओं के अनुपलब्धता तथा विशिष्ट चिकित्सकों का पदस्थापन व अनुश्रवण नहीं होने के कारण थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को होने वाली कठिनाइयां संबंधित जानकारी सदन को दी.एवं सरकार से एस एन एम एम सी एच तथा सदर अस्पताल धनबाद में स्थापित जेनेटिक केंद्र वार्ड तथा थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे- बच्चियों की देखभाल हेतु विशिष्ट चिकित्सकों को पदस्थापित सहित डे केयर सेंटर स्थापना कराई जाने की जोरदार तरीके से मांग की.
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने अल्प सूचित प्रश्न के अंतर्गत राज्य के सभी जिले में आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज हेतु केंद्र स्थापित की जाने संबंधित सवाल किया.श्री सिन्हा ने इस संबंध में यह भी पूछा कि क्या यह बात सही है कि पूरे राज्य के लिए 29 करोड रुपए और धनबाद जिले के लिए 2.37 करोड रुपए की आयुर्वेदिक दवाएं खरीद कर सभी केंद्रों में उपलब्ध कराने के बावजूद, स्थानीय मरीजों एवम आम लोगों को आयुर्वेदिक पद्धति से समुचित इलाज नहीं हो पा रही है.तथा आयुर्वेदिक दवाएं कैंप में मुफ्त दिए जाने थे एवं दवाओं का सुरक्षित इंतजाम नहीं होने कारण जीर्ण – शीर्ण अवस्था में होकर एक्सपायर होने के कगार पर हैं.विधायक श्री सिन्हा ने यह भी पूछा कि क्या यह बात सही है कि धनबाद जिला में आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज हेतु 63 केंद्र स्थापित किए गए थे जिसमें मात्र साथ वैध(डाक्टर) हैं और उन सात वैधों में से 5 को स्कूलों में बाल स्वास्थ्य योजना में लगाया गया है.
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा में अल्प सूचित प्रश्न के अंतर्गत यह भी पूछा कि, धनबाद जिला मुख्यालय सहित राज्य अंतर्गत 188 सीएचसी ,10 अनुमंडल अस्पताल, 24 सदर अस्पताल एवं 6 मेडिकल कॉलेज समेत 288 से अधिक अस्पतालों में अप्रैल 2023 तक जन औषधि केंद्रों का आम लोगों के लिए संचालन किया जाना था.जिन में आम लोग को सस्ती जेनरिक दवाएं मिलती.विधायक श्री सिन्हा ने यह भी पूछा कि वर्णित 228 जन औषधि केंद्रों के एवज में मात्र 27 जन औषधि केंद्र संचालित है.जबकि विभाग द्वारा इसके संचालन हेतु जनवरी 2023 से 3 महीने के अंदर निविदा प्रकाशित कर तथा एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए जन औषधि केंद्रों की स्थापना की जानी थी?
सिन्हा ने पूछा कि यदि उत्तर सकरात्मक है तो क्या सरकार बताए गए राज्य के 201 से अधिक अस्पतालों में जन औषधि केंद्र की स्थापना अविलंब करते हुए आम जनों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने का विचार रखती है हां तो कब तक और नहीं तो क्यों?
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत द्वितीय बजट सत्र में धनबाद के पेयजल समस्या निदान हेतु सवाल किया था एवम मांग की थी ,जिसे माननीय विधानसभा अध्यक्ष महोदय द्वारा स्वीकृत की गई है. सिन्हा ने इस संबंध में मांग की थी एवं कहा कि धनबाद जिला राज्य का अधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला है.धनबाद जिला मुख्यालय सहित जहां एक और कोयले के उत्खनन से प्रभावित है वहीं दूसरी ओर धनबाद के आम जन शुद्ध पेयजल आपूर्ति की समस्या से भी गंभीर पूर्वक ग्रसित हैं.धनबाद का जलस्तर तेज गति से घटता जा रहा है इसके निदान के लिए शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु मेगा योजनाएं प्रक्रियाधिन है व निर्माण कार्य जारी है.जिसमें कुल 917.69 करोड़ की तीन महत्वपूर्ण योजनाएं हैं. श्री सिन्हा ने कहा कि अभी तक यह योजनाएं पूर्ण क्यों नहीं हो रहे हैं? विभागीय शिथिलता व विभाग तथा संवेदकों के मिलीभगत एवं बार-बार योजनाओं के री एस्टीमेट के कारण मात्र 60% योजनाएं पूर्ण हो पाई हैं.वर्तमान में योजनाओं का पूर्ण न होना उच्च स्तरीय जांच का विषय है तथा दोषियों को चिन्हित कर विधि सम्मत कार्रवाई किये जाने की मांग की .ताकि धनबाद के सात लाख आबादी को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

