विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, VIP के प्रदेश महासचिव लालू दांगी ने थामा ‘हाथ’…

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, VIP के प्रदेश महासचिव लालू दांगी ने थामा ‘हाथ’…

बिहार(BIHAR): बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की आहट तेज़ हो रही है, सियासी दलों के बीच जोड़-तोड़ और भीतरघात का खेल भी शुरू हो गया है. इंडिया गठबंधन के घटक दलों में से एक विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को उस वक़्त बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश महासचिव लालू दांगी ने इस्तीफा देकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. वे अकेले नहीं आए, बल्कि सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए.

शनिवार को पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने लालू दांगी को पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर कांग्रेस के कई ज़िला के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. इसे कांग्रेस की ओर से गया जिले में संगठनात्मक मज़बूती की दिशा में एक रणनीतिक क़दम माना जा रहा है.

राजनीतिक संकेत: VIP में टूट, कांग्रेस को संजीवनी
बिहार की सियासत में मुकेश सहनी और उनकी पार्टी VIP को अब तक पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के वोटों की आवाज़ के रूप में देखा जाता रहा है. लेकिन VIP पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता का कांग्रेस में जाना यह इशारा करता है कि गठबंधन की भीतरी राजनीति में कुछ खलबली मची है.

लालू दांगी, गया में सामाजिक कार्यों और राजनीतिक सक्रियता के लिए जाने जाते हैं. कांग्रेस ने उन्हें अपने पाले में लाकर न केवल VIP पार्टी को संगठनात्मक चोट दी है, बल्कि गया में अपने जनाधार को पुनः सक्रिय करने की कोशिश भी की है.

दांगी का दावा: कांग्रेस ही बिहार का विकल्प
कांग्रेस में शामिल होते ही लालू दांगी ने स्पष्ट कहा कि “राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए कांग्रेस ही एकमात्र राजनीतिक विकल्प है.” उन्होंने राहुल गांधी के सामाजिक न्याय अभियान और पार्टी की समावेशी विचारधारा को अपनी पसंद की वजह बताया. साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया कि गया में कांग्रेस को मज़बूत करने के लिए वे पूरी ताक़त झोंक देंगे.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने लालू दांगी का स्वागत करते हुए कहा कि “दांगी जैसे समाजसेवी नेताओं का पार्टी में आना कांग्रेस की जनसेवा और सामाजिक न्याय की नीति को और धार देगा. गया जैसे ज़िले में कांग्रेस को इससे नई ऊर्जा मिलेगी.”

गठबंधन में बिखराव के संकेत?
VIP पार्टी फिलहाल राजद, कांग्रेस और वाम दलों के साथ इंडिया गठबंधन में शामिल है. लेकिन चुनावी मौसम में अगर घटक दलों के बीच एक-दूसरे के नेताओं की ‘खरीद-फरोख्त’ शुरू हो जाए, तो यह एकता कितनी टिकेगी, यह सवाल उठने लगे हैं.
मुकेश सहनी, जो खुद भी भाजपा और महागठबंधन के बीच पाला बदलते रहे हैं, अब खुद अपने संगठन को बचाने की चुनौती में फंसते दिख रहे हैं.

NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *