जामताड़ा(JAMTADA): मिहिजाम स्थित सृजन पब्लिक स्कूल के विद्यालय प्रांगण में 06 फरवरी 2026 को वार्षिक खेल दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन हर्षोल्लास और अनुशासित वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल शारीरिक दक्षता का उत्सव बना, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में निहित खेल भावना, मर्यादा और चरित्र निर्माण के मूल्यों को भी रेखांकित करता दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक अमरेंद्र तिवारी के कर-कमलों द्वारा ध्वजारोहण एवं मशाल प्रज्वलन के साथ हुआ। मशाल की लौ जैसे ही प्रज्ज्वलित हुई, उसने उपस्थित विद्यार्थियों को रामायण और महाभारत काल की उस परंपरा की याद दिलाई, जहाँ खेल, युद्ध कौशल और शारीरिक प्रशिक्षण को जीवन का अनिवार्य अंग माना जाता था। रामायण में राम, लक्ष्मण और हनुमान की शारीरिक सामर्थ्य, अनुशासन और संयम, वहीं महाभारत में अर्जुन की धनुर्विद्या, भीम की शक्ति और युधिष्ठिर की खेल भावना—ये सभी उदाहरण आज भी खेलों में नैतिकता और आत्मसंयम की प्रेरणा देते हैं।
खेल दिवस के दौरान विद्यार्थियों ने सुसज्जित मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसमें अनुशासन, एकता और टीम भावना की झलक स्पष्ट दिखाई दी। इसके पश्चात खेल शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने ईमानदारी, नियमों के पालन और खेल को खेल भावना से खेलने का संकल्प लिया। यह क्षण महाभारत के उस आदर्श की याद दिलाता है, जहाँ प्रतिस्पर्धा के बावजूद धर्म और मर्यादा सर्वोपरि मानी गई।
कार्यक्रम में विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताएँ, दौड़, कूद, संतुलन एवं मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की रंग-बिरंगी और सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की मुस्कान और उत्साह यह संदेश दे रहा था कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि आनंद, सहयोग और आत्मविश्वास का स्रोत भी हैं।
विद्यालय की प्राचार्या सीमा रानी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलों का महत्व केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं है। खेल मानसिक सशक्तिकरण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और चरित्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने रामायण और महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ग्रंथों में खेल और शारीरिक अभ्यास को जीवन के संतुलन का आधार माना गया है, जिससे व्यक्ति न केवल बलवान बनता है, बल्कि नैतिक रूप से भी सुदृढ़ होता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की अध्यक्षा सबिता तिवारी ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी विजेता होता है, क्योंकि खेल उसे आत्मविश्वास, धैर्य और परिश्रम का महत्व सिखाते हैं।
अंत में विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। सृजन पब्लिक स्कूल का यह वार्षिक खेल दिवस विद्यार्थियों के लिए न केवल स्मरणीय रहा, बल्कि उन्हें भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी खेल भावना को आत्मसात करने की प्रेरणा भी देता रहा।
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

