वसंत पंचमी पर लागू होगा ‘डी-1, डी+1’ प्लान, एक दिन पहले और बाद तक पूरे जिले में लागू होगी व्यवस्थाअमर…

वसंत पंचमी पर लागू होगा ‘डी-1, डी+1’ प्लान, एक दिन पहले और बाद तक पूरे जिले में लागू होगी व्यवस्थाअमर…

डीआईजी नोडल अफसर महाकुंभ डॉ. अजय पाल शर्मा का कहना है कि वसंत पंचमी पर ‘डी-1, डी+1’ प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत तीन फरवरी को पर्व से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक पूरे जनपद में यातायात प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। यह व्यवस्था एक से तीन फरवरी तक लागू रहेगी।

इसके तहत श्रद्धालुओं के बड़े वाहनाें जैसे बस, मिनी बस आदि जनपदीय पार्किंग स्थलों में खड़े होंगे। यहां से श्रद्धालु शटल बसों से छोटे वाहनों के लिए बनाए गए पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगे। इसके बाद निकटतक घाट पर पैदल पहुंचकर स्नान करते हुए अपने गंतव्य को ठीक इसी तरह से रवाना होंगे।

मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। शुक्रवार से वसंत पंचमी स्नान (तीन फरवरी) के अगले दिन (चार फरवरी) तक मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इसके तहत प्रशासनिक और चिकित्सा संबंधी वाहनों के अलावा अन्य वाहनों पर मेला क्षेत्र में पाबंदी रहेगी।

शासन ने मौनी अमावस्या के महास्नान से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक वाहनों के मेला क्षेत्र में आने पर प्रतिबंध पहले से ही लागू कर रखा है। यानी, 31 जनवरी तक मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन पहले से ही घोषित है। अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर यह प्रतिबंध एक दिन पहले-एक दिन बाद तक लागू है। इस लिहाज से वसंत पंचमी पर यह प्रतिबंध दो से चार फरवरी तक लगना था। मगर, बीते स्नान पर्वों के अनुभवों को देखते हुए एक फरवरी को भी प्रतिबंध के दायरे में ले लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की मुश्किलों की सामना न करना पड़े।

कमिश्नरेट के डीआईजी व नोडल अफसर (महाकुंभ) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि वसंत पंचमी पर ‘डी-1, डी+1’ प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत तीन फरवरी से एक दिन पहले व बाद में (यानी दो से चार फरवरी तक) शहर में कोई वाहन नहीं घुस पाएगा। पासधारक वाहनों पर भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। श्रद्धालुओं की बसों, मिनी बसों या कारों को नजदीकी पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करा लिया जाएगा। वहां से वह शटल बसों या अन्य छोटे वाहनों से मेला क्षेत्र के आसपास पार्किंग स्थल तक आ सकेंगे। उन्हें पैदल जाकर निकटतम घाट पर स्नान करके इसी तरह लौटना होगा।
शहर में नहीं आ पाए वाहन, कई लोगों ने रद्द करा दीं होटल बुकिंग
मौनी अमावस्या के दिन कुंभनगरी में उमड़ी करोड़ों की भीड़ के कारण जिले में प्रवेश के सारे रास्ते सील कर दिए गए थे। इस कारण हजारों लोगों ने होटलों में अपनी बुकिंग रद्द करा दी। वह रास्ते में ही फंसे रह गए। इससे होटलों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि, टेंट सिटी सात फरवरी तक अब भी नो रूम है।

जिले की सीमाएं सील होने की वजह से जिन लोगों को मौनी अमावस्या पर प्रयागराज आना था, उनमें से कई लोग यहां नहीं आ सके। कोटा राजस्थान के सुनील शर्मा अपने वाहन से प्रयागराज आ रहे थे, लेकिन फतेहपुर में उन्हें जब सूचना मिली कि प्रयागराज में दूसरे राज्यों के वाहनों की नो इंट्री है तो उन्होंने होटल की बुकिंग निरस्त कर दी।

होटल कारोबारी योगेश गोयल बताते हैं कि 28 और 29 की जो बुकिंग थी उसमें से कुछ गेस्ट शहर में प्रवेश ही नहीं कर सके। इस वजह से उनकी बुकिंग निरस्त करनी पड़ी। कहा कि पांच फरवरी के बाद की बुकिंग को लेकर पूछताछ बढ़ी है। होटल और रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने बताया कि तकरीबन 20 प्रतिशत की गिरावट तो हुई है, लेकिन वसंत पंचमी के बाद बुकिंग बेहतर है।

NEWSANP के लिए प्रयागराज से ब्यूरो रिपोर्ट

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