नई दिल्ली(NEW DELHI): लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों पर आसन की ओर कागज फेंकने और टेबल पर चढ़ने की कोशिश करने के आरोप लगे। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस और सीपीएम के आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले और सीपीएम के एस वेंकटेश्वरन शामिल हैं। इन पर सदन में अवमानना और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया गया है।
सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी दलों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं।
दरअसल, दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलना शुरू किया, लेकिन उन्होंने चीन और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का मुद्दा उठा दिया। पीठासीन स्पीकर ने उन्हें विषय पर ही बोलने की बार-बार हिदायत दी, लेकिन राहुल गांधी लगातार चीन का मुद्दा उठाते रहे। इसके बाद उन्हें बोलने से रोक दिया गया, जिससे विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के दौरान कुछ सांसद टेबल पर चढ़ गए, जबकि कुछ ने आसन की ओर कागज उछालने शुरू कर दिए। स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही पहले 3 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर आठ सांसदों के निलंबन की घोषणा की गई, जिसके बाद फिर से हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में बोलने का मौका न मिलने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाया गया है, जिसके चलते अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के जरिए देश के हितों से समझौता किया गया है और प्रधानमंत्री अपनी छवि को लेकर आशंकित हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

