नई दिल्ली(NEW DELHI): संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस महान गीत ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा, प्रेरणा और त्याग का मार्ग दिखाया और इसे याद करना गर्व का विषय है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अंग्रेजों ने “बांटो और राज करो” की नीति के तहत बंगाल को अपनी प्रयोगशाला बनाया क्योंकि बंगाल का बौद्धिक और राष्ट्रीय नेतृत्व पूरे देश की शक्ति का केंद्र माना जाता था। उन्होंने कहा कि 1905 में हुए बंगाल विभाजन का उद्देश्य भारत को कमजोर करना था।
मोदी ने कहा कि जब अंग्रेजों ने बंगाल को दो हिस्सों में बांटा, तब वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा और पूरे बंगाल में एकता का नारा बन गया। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई गीत या कविता दुर्लभ है जिसने सदियों तक करोड़ों लोगों को प्रेरित किया हो।
प्रधानमंत्री ने इसे दुनिया के लिए “अजूबा” बताया कि गुलामी के दौर में भी भारत में ऐसे रचनाकार पैदा हुए जिन्होंने राष्ट्र का मनोबल बढ़ाने वाले गीत की रचना की।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

