रांची(RANCHI) : राजधानी रांची की शांत वादियों में एक खतरनाक खेल खेला जा रहा है, हथियारों की सौदेबाजी का खेल, वो भी फर्जी दस्तावेजों की आड़ में। गिरोह चालाक है, जाल पुराना नहीं, बल्कि अत्याधुनिक है। असम, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, और पंजाब जैसे राज्यों के नाम पर फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनाये जाते हैं, वो भी बिहार के अंदर और फिर उन्हीं के जरिये सरकारी दुकानों से खरीदे जाते हैं राइफल, पिस्टल और गोलियां।
16 अप्रैल 2023, बिहार के आरा रेलवे थाना में गिरफ्तार एक आरोपी की निशानदेही पर नाम सामने आया राम पुकार राय का। रांची के करमटोली में छिपकर रह रहा था ये शातिर। बिहार STF ने जब उसे धर दबोचा तो उसके पास से बरामद हुये 83 जिंदा गोलियां, मॉडिफाइड राइफल, फर्जी BSF आईकार्ड एवं फर्जी सर्विस सर्टिफिकेट और आर्म्स लाइसेंस। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि हथियारों की खरीद के लिये वह झांसी गन हाउस (UP) तक जा चुका था, जहां एक संजय तिवारी नाम के फर्जी पहचान पत्र पर राइफल और 50 गोलियां खरीदी थीं। गिरोह सिर्फ अपराधियों को नहीं, बल्कि सुरक्षा गार्डों जैसे जरूरतमंदों को भी अपना शिकार बना रहा है। उन्हें सस्ते में हथियार दिलाने का झांसा देकर फर्जी लाइसेंस थमा दिये जाते हैं, जिससे वे अनजाने में अपराधी बनते जा रहे हैं। रांची पुलिस अब अलर्ट मोड में है।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

