रेल मंत्री ने 100 अधिकारियो – कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित..ECR के 02 अधिकारी एवं 06 रेल कर्मी भी सम्मानित…

रेल मंत्री ने 100 अधिकारियो – कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित..ECR के 02 अधिकारी एवं 06 रेल कर्मी भी सम्मानित…

यात्रियों की सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम हेतु उठाए गए उत्कृष्ट कार्य हेतु पूर्व मध्य रेल को मिला सुरक्षा शील्ड..

नई दिल्ली(NEW DELHI): भारतीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संध्या भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्व मध्य रेल के 02 अधिकारी तथा 06 कर्मचारी सहित भारतीय रेल के कुल 100 समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रेल सेवा में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 प्रदान कर सम्मानित किया।

रेल मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर जोनल रेलवे/प्रोडक्शन यूनिट को शील्ड भी प्रदान किया। माननीय रेल मंत्री द्वारा इस वर्ष सुरक्षा शील्ड पूर्व मध्य रेलवे को प्रदान किया गया । पूर्व मध्य रेल की ओर से रेल मंत्री से यह शील्ड महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह एवं प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार ने प्राप्त किया ।*

अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित पूर्व मध्य रेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संक्षिप्त विवरण –

1. मो. तौसिफ उल्लाह, मंडल ट्रैफिक मैनेजर/चोपन – धनबाद मंडल के चोपन में मंडल ट्रैफिक मैनेजर के पद पर कार्यरत तौसिफ उल्लाह ने मालगाड़ियों की लोडिंग बढ़ाकर राजस्व वृद्धि तथा परिचालन नवाचारों से रेलवे को उल्लेखनीय लाभ पहुंचाया । वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान धनबाद मंडल में रिकॉर्ड 188 मिलियन टन माल लदान में उनका काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

2. मंयक प्रियदर्शी, सहायक सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर/निर्माणधनबाद मंडल में निर्माण विभाग के अंतर्गत सहायक सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर के पद पर कार्यरत मंयक प्रियदर्शी के प्रयासों से रमना-सिंगरौली एवं कैरला रोड-शक्तिनगर दोहरीकरण परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया तथा कई स्टेशनों एवं प्रमुख यार्डों में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य, केबल शिफ्टिंग और तकनीकी दस्तावेजीकरण कर परिचालन क्षमता और सुरक्षा में वृद्धि की। इससे माल लदान की क्षमता बढ़ाने में काफी मदद मिली।

3. रवि रंजन, लोको पायलट – धनबाद मंडल में लोको पायलट पद पर कार्यरत रवि रंजन ने 06 अगस्त, 2024 को ड्यूटी के दौरान देखा कि सिंगल लाइन सेक्शन में उनके ही लाइन पर सामने से एक पैसेंजर ट्रेंन आ रही है । उसको देखकर उन्होंने अपनी सजगता का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर अपनी ट्रेन को रोक कर Head on Collision से बचाते हुए एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया और इसके कारण होने वाले जानमाल के नुकसान को बचा लिया ।

4. सुभाष कुमार पाठक, टेक्नीसियन ग्रेड-। – धनबाद मंडल में सिगनल एवं दूरसंचार विभाग में टेक्नीसियन ग्रेड-। के पद पर कार्यरत सुभाष कुमार पाठक के प्रयासों से सिग्नल विफलता में काफी कमी आयी। उन्होंने करैला जंक्शन यार्ड में 40 पॉइंट मशीन, 53 ट्रैक सर्किट और अनेक सिग्नल उपकरणों का सफलतापूर्वक रखरखाव कर सिगनल संबंधी विफलताओं को न्यूनतम किया। कई नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों में सक्रिय योगदान देकर परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित की।

5. बैजू जैसवारा, ट्रेन मैंनेजर – सोनपुर मंडल में ट्रेन मैंनेजर पद पर कार्यरत बैजू जैसवारा ने 15 अगस्त, 2024 को ड्यूटी के दौरान महेशखूंट स्टेशन पर गाड़ी के प्रस्थान करने पर देखा कि एक यात्री सामान्य डिब्बे में चढ़ने के दौरान प्लेटफॉर्म के नीचे तथा कोच के बीच में गिर गया है । उन्होंने बिना कोई विलम्ब किए ब्रेक वान से एयर प्रेशर ड्राप कर गाड़ी को रोक दिया तथा बुरी तरह से घायल यात्री को ब्रेकवान में लाकर प्राथमिक चिकित्सा पेटी से प्राथमिक उपचार कराया । इस दौरान अतिरिक्त विलम्बन को बचाते हुए मात्र 04 मिनट के अंदर महेशखुट से गाड़ी को प्रस्थान कराया एवं घायल यात्री को समुचित चिकित्सा हेतु मानसी स्टेशन को पूर्व सूचना देकर रेलवे चिकित्सक को अविलंब स्टेशन पर बुलवाने का अनुरोध किया और घायल यात्री को मौत के मूंह में जाने से बचा लिया ।

6. मनीष कुमार, निरीक्षक – रेलवे सुरक्षा बल के मुजफ्फरपुर पोस्ट पर कार्यरत मनीष कुमार ने सतर्कता, समर्पण और सेवा की मिसाल कायम करते हुए मानव तस्करी रोकने, बच्चों को बचाने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में उत्कृष्ट कार्य किया । अपने अथक प्रयासों से ऑपरेशन आहट के तहत बाल श्रम के लिए ले जा रहे 144 नाबालिक बच्चों को मुक्त कराया तथा ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत 302 बच्चों के हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए ।

7. प्रभांश कुमार प्रभाकर, ट्रैक मेंटेनरसमस्तीपुर मंडल में ट्रैक मेंटेनर-।। के पद पर कार्यरत प्रभांश कुमार प्रभाकर 11 अगस्त, 2024 को सहरसा-पंचगछिया रेलखंड के समपार सं. 33ए पर ड्यूटी कर रहे थे । इस दौरान उन्होंने देखा कि सामने से आ रही गुड्स ट्रेन के पहिया के पास से काफी मात्रा में धुंआ निकल रहा है । यह देखते ही उन्होंने लाल झंडा दिखाकर ट्रेन को रोक दिया तथा गुड्स ट्रेन के एलपी के साथ जांच में पाया कि ब्रेक बाइडिंग के कारण एक पहिया बहुत गर्म एवं लाल हो गया है । श्री प्रभाकर की सतर्कता एवं सूझबूझ से ट्रेन को रोककर एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया ।

8. मो.इकरामूल अंसारी, सीनियर सेक्सन इंजीनियरडीडीयू मंडल के गया मेमू शेड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर/सी एंड डब्ल्यू के पद पर कार्यरत मो. इकरामुल अंसारी ने अपने अथक प्रयासों से गया मेमू शेड का निर्माण और सभी मशीनों/प्लांट का कमीशनिंग किया तथा मात्र 07 रेलकर्मियों के साथ गया मेमू शेड में थ्री फेज मेमू रेक के मेंटेनेंस कार्य को प्रारंभ कराया। उन्होंने ट्रैक्शन मोटर बदलना, कम्प्रेसर ओवरहॉलिंग जैसे जटिल कार्यों को सफलतापूर्वक किया और कर्मचारियों व ड्राइवरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर शेड को आत्मनिर्भर बनाया।

उक्त जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने दी..

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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