बिहार(BIHAR) : दो दिन की चुप्पी के बाद तेज प्रताप यादव ने पहली बार कुछ कहा। न कोई गिला, न कोई शिकवा, बस एक बधाई, “श्री बांके बिहारी जी की कृपा से मुझे बड़े पापा बनने का सौभाग्य मिला।” राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा था, मगर तेज प्रताप के शब्दों में एक भाई की ममता थी। उनका ये पोस्ट तेजस्वी यादव और राजश्री यादव के नवजात बेटे के लिये था। एक भतीजे के लिए, जिसे उन्होंने “स्नेहिल आशीर्वाद और शुभ प्यार” भेजा। ना पिता लालू यादव ने कुछ कहा,
ना बहन रोहिणी, और ना ही छोटे भाई तेजस्वी। तीन दिन तक तेज प्रताप भी चुप रहे। फिर जब बोले, तो सिर्फ बेटे के जन्म की बधाई दी। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं था, यह एक टूटे हुए रिश्ते का मौन प्रेम-पत्र था। यहां याद दिला दें कि बीते 24 मई की रात, तेज प्रताप यादव के ऑफिशियल अकाउंट से एक पोस्ट वायरल हुआ। एक तस्वीर, जिसमें वे एक लड़की के साथ खड़े हैं। और एक इकरार, “हम 12 साल से एक-दूसरे से प्यार करते हैं।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। राजनीतिक पंडितों से लेकर यूट्यूब रील्स बनाने वालों तक, हर कोई सिर्फ एक ही नाम बोल रहा था, तेज प्रताप यादव। लेकिन चंद घंटों बाद उन्होंने खुद कहा, मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है। मेरी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है।” इस सफाई के बावजूद, ना सवाल थमे, ना सरगोशियां रुकीं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

