रांची में 4 महीने बाद खुला ब्लाइंड म’र्डर का राज…

रांची में 4 महीने बाद खुला ब्लाइंड म’र्डर का राज…

राँची(RANCHI): रांची में एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने चार महीने बाद पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस केयरटेकर पर बुजुर्ग महिला को सबसे ज्यादा भरोसा था, वही इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली। बीते साल 5 दिसंबर को जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के हटिया सिंहमोड़ स्थित विजेता इंक्लेव में रहने वाली दिव्यांग बुजुर्ग विश्वासी हन्ना तिरू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद घर से नकदी और लाखों के गहने भी गायब हो गये थे।

जांच में पुलिस को शक हुआ कि इस वारदात में कोई करीबी शख्स शामिल है। जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि घर की केयरटेकर सलोमी होरो ने ही संपत्ति और गहनों के लालच में यह खौफनाक साजिश रची थी। सलोमी ने अपने परिचित आरिफ खान को बताया था कि बुजुर्ग महिला के घर में काफी गहने हैं और बैंक में वह खुद नॉमिनी है। इसके बाद आरिफ खान ने अपने दो साथियों हसन रज्जा और मो. शाहीन के साथ मिलकर 5 दिसंबर को फ्लैट में घुसकर बुजुर्ग महिला की गला रेतकर हत्या कर दी और गहने-नकदी लेकर बिहार के भागलपुर फरार हो गये। हटिया DSP पीके मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर चार महीने बाद इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया। पुलिस ने सलोमी होरो, मो. आरिफ, हसन रज्जा और मो. शाहीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतका के भतीजे अनिल तिरू ने सबसे पहले अपनी चाची का खून से लथपथ शव फ्लैट में देखा था। विश्वासी हन्ना तिरू के पति स्टीफन तिरू मेकॉन के कर्मचारी थे, जिनकी मौत के बाद वह फ्लैट में अकेली रह रही थीं। चलने में असमर्थ होने के कारण उन्हें वॉकर का सहारा लेना पड़ता था। जिस महिला पर उन्होंने भरोसा किया, उसी ने लालच में भरोसे का खून करवा दिया।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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