रांची में अब भी मिल रहे डेंगू-मलेरिया के मरीज..डॉक्टरों की रिपोर्ट से बढ़ी टेंशन..

रांची में अब भी मिल रहे डेंगू-मलेरिया के मरीज..डॉक्टरों की रिपोर्ट से बढ़ी टेंशन..

रांची(RANCHI): मौसम में ठंड का अहसास होने लगा है लेकिन इसके बाद भी मच्छरों से निजात नहीं मिल रहा। मच्छर जनित बीमारियों में से खासकर के डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने फिर अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा है..

हालांकि, कम तापमान में मच्छर नहीं पनपते हैं लेकिन घरों के अंदर का तापमान थोड़ा अधिक होने की वजह से अभी भी डेंगू व मलेरिया के मच्छरों का आतंक बढ़ रहा है। अभी भी राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में दो दर्जन से अधिक डेंगू व मलेरिया के मरीजों का इलाज हो रहा है..

इसमें सर्वाधिक सदर अस्पताल में सात डेंगू मरीज इलाजरत हैं जबकि रिम्स में डेंगू के कई संदिग्ध मरीजों का इलाज हो रहा है और मलेरिया के मरीजों का भी आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है.. 

मौसम बदलने के बाद भी अचानक मच्छर जनित रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। रिम्स, सदर अस्पताल सहित विभिन्न निजी जांच लैब में ब्लड सैंपल की जांच में डेंगू और मलेरिया के मरीज अब भी मिल रहे हैं।राज्य मलेरिया विभाग की ओर से भी बताया जा रहा है कि अभी ऐसे मरीज मिल रहे हैं, लेकिन पिछले माह की तुलना में इनकी संख्या कम है। रिम्स मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. बी कुमार बताते हैं कि इस मौसम में इस तरह के मरीज मिलते नहीं है, लेकिन अभी भी मिलना आश्चर्य की बात है..

इसमें देखा जा रहा है कि घरों के अंदर ही डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह घर के अंदर रखे कूलर में जमे पानी, इंडोर प्लांट के गमले में जमे पानी आदि में डेंगू के लार्वा पनपते हैं।डॉक्टर बताते हैं कि शरीर में लाल चकत्ते की शिकायत लेकर लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लाल चकत्ते उभरने का अर्थ डेंगू हो सकता है। इस लक्षण के साथ मरीजों की डेंगू जांच करायी जा रही है..

सदर अस्पताल में सबसे अधिक डेंगू मरीज

सदर अस्पताल के वरिष्ठ डाक्टर अजय झा बताते हैं कि इस वर्ष में पहली बार मच्छर जनित रोगियों की संख्या बढ़ी है। एक सप्ताह पहले करीब 25 डेंगू मरीज भर्ती कराए गए थे।हालांकि अभी तक किसी भी मरीज की यहां मौत नहीं हुई है, सबका इलाज किया गया लगातार अस्पताल से मरीज डिसचार्ज हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को पपीता का सेवन अधिक करना चाहिए, इससे प्लेटलेट की कमी नहीं होती। साथ ही अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना उचित रहता है..

डेंगू ठीक होने के बाद भी रहती है कमजोरी

सदर अस्पताल के डॉ. हरिश चंद्रा बताते हैं कि गुरुवार को पांच डेंगू मरीजों को डिसचार्ज किया गया। इन सभी का प्लेटलेट काफी कम हो गया था, जिसके बाद इन्हें प्लेटलेट चढाया गया और लगातार डाक्टरों की मानिटरिंग में इलाज चला।जिसका नतीजा यह रहा है कि अब ये स्वस्थ तो गए हैं लेकिन डेंगू ठीक होने के बाद भी कुछ दिनों तक कमजोरी रहती है जिसके लिए पौष्टिक आहार के साथ आराम की जरूरत पड़ती है। अभी हाल में बेड़ों और सिल्ली से दो-दो डेंगू पाजीटिव मरीजों को भर्ती कराया गया था..

कैसे करें डेंगू से बचाव

  • खुली जगह जैसे छत सहित घर के कूलर और गमला में पानी जमा ना होने दें
  • शरीर पर फुल स्लीव वाले कपड़े पहने, जो पूरे शरीर को ढक कर रखें
  • बारिश के मौसम में घर और कार्यालय के खिड़की पर जाली का प्रयोग करें
  • अपने घर व बाहर मच्छर मारने वाले स्प्रे का समय-समय पर छिड़काव करें
  • मच्छरदानी का प्रयोग करें और नीचे जमीन पर न सोए
  • अपने आसपास जल जमाव न होने दें
  • तीन दिन तक बुखार ठीक न हो तो डेंगू-मलेरिया की जांच कराएं..

आंकड़ों में

  • इस वर्ष रांची में अब तक 150 डेंगू-चिकनगुनिया और 180 से अधिक मलेरिया के मरीज मिले हैं।
  • जनवरी से जून तक डेंगू जांच के लिए तीन हजार से अधिक सैंपल लिए गए।
  • मलेरिया जांच के लिए 1,74,834 सैंपल लिए गए, जिसमें 50 मलेरिया पॉजिटिव पाया गया।
  • पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का है नियम
  • स्वास्थ्य विभाग ने उन घरों पर जुर्माना लगाने का प्रविधान बनाया है, जहां डेंगू के लार्वा मिल रहे हैं।
  • इसमें 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लिया जा सकता है।
  • वेक्टर बोर्न डिजिज के संबंधित अधिकारी बताते हैं कि जुर्माने का प्रविधान जरूर है, लगातार घर अगर डेंगू पॉजिटिव होते हैं तो जुर्माना लगाया जाता है..

NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो की रिपोर्ट

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