रांची(RANCHI): रांची की फिजाओं में आज महावीरी पताका लहराई, किसी के हाथ में भगवा ध्वज था, तो किसी की हथेली में शरबत की प्याली। रामनवमी के जुलूस में आज हर जाति, हर वर्ग, हर चेहरे पर श्रद्धा की एक जैसी मुस्कान थी। CCTV, ड्रोन कैमरे और कंट्रोल रूम से पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी। कानून व्यवस्था की सख्ती थी, पर श्रद्धा की आजादी थी। कहीं शंख बजा, कहीं फूल बरसे। कहीं पानी पिलाया गया, तो कहीं फल बांटे गये। अस्त्र-शस्त्र भांजने का जलवा हर जगह झलका। भीड़ छाई रही। बत्ती भी कुछ देर के लिये गुल रही। गर्मी अलग थी। इधर, आज रांची की सुबह आरती की लौ से जली, न मंदिरों की घंटियां थमीं, न श्रद्धा की रफ्तार। कभी हाथ में भगवा पताका, तो कभी हथेली में शरबत की प्याली…राम के नाम पर रांची आज धर्म, प्रेम और परंपरा की एक गूंजती हुई तस्वीर बन गई।
CCTV की पैनी नज़र, ड्रोन की ऊंची उड़ान, कंट्रोल रूम की सतर्कता…हर कोना सुरक्षित था। लेकिन हर दिल…
खुलकर बोल रहा था – “जय श्रीराम!” हर राह पर श्रद्धा के फूल बरसे , धर्म के नाम पर नहीं, प्रेम के नाम पर
कहीं शंख बजा, तो कहीं गुलाबों की बारिश हुई। कहीं कोई फल बांट रहा था, तो कोई खुद गर्मी में खड़ा होकर पानी पिला रहा था। चारों तरफ परंपरा लहराती रही। गदा, त्रिशूल, तलवार, सब हाथों में थे, सभी अखाड़े तपोवन धाम की तरफ कूच कर गये। राम में रम जाने पर हर कोई खुश थे।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

