आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल आसनसोल बीएनआर स्थित रबिन्द्र भवन मे सोमवार देर शाम एक पालतू बंदर का बच्चा अचानक से आ गया बंदर के गले मे एक रस्सी बंधा हुआ था साथ ही वह एक गंजी और पैंट भी पहना हुआ था, जिससे यह प्रतीत होता है की बंदर पालतू था और वह भटक कर कहीं से रबिन्द्र भवन आ गया था..
जिस बंदर पर रबिन्द्र भवन मे स्थित प्रेस क्लब मे मौजूद पत्रकारों की नजर पड़ गई, जिसके बाद पत्रकारों ने बंदर को रेसक्यू किया और प्रेस क्लब मे लेजाकर बंदर की अच्छे तरह से सफाई की उसको खाना पीना दिया जिसके बाद वह बंदर पत्रकारों के साथ काफी घुल मिल गया, पत्रकार जहाँ -जहाँ जाते बंदर भी उनके पीछे वहाँ -वहाँ जाने लगा, पत्रकारों को नही देख वह जोर -जोर से चिल्लाता हुआ भी नजर आया, वहीं पत्रकारों ने घटना की जानकारी आसनसोल की वन विभाग की अधिकारी तमालिका चंदा को दि, तमालिका चंदा ने मंगलवार दोपहर वन विभाग के तरफ से तीन लोगों को भेजा जिसमे रजत चटर्जी..
जुल्फीकार मौल्ला सहित एक अन्य कर्मी मौजूद थे जिन्होने बंदर को लोहे के एक खांचे मे बंद कर अपने साँथ यह कहकर ले गए की वह रुपनारायणपुर स्थित अपने वन विभाग के कार्यालय मे रखेंगे जिसके बाद उनके अधिकारी यह फैसला करेंगे की बंदर को कहाँ रखना सुरक्षित होगा और फिर बंदर को उसके हिसाब से वहाँ भेजा जायेगा, वहीं बंदर को जब वन विभाग के लोग अपने साथ ले जा रहे थे उस वक्त मौके पर मौजूद पत्रकार चंद्रशेकर चटर्जी, छोटन सेन गुप्ता, अमर देव पासवान, साबिर अली, बीजू मंडल, दीपक शर्मा, नीलाद्रि शेखर, पवित्रो बैनर्जी त्रिनंजन चटर्जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे और वन विभाग के लोगों को बंदर की पल -पल की रिपोर्ट उनको देने की बात कही जिससे वह यह जान सकेंगे की बंदर सुरक्षित है या नही अगर बंदर के रख रखाव मे थोड़ी सी भी कमी हुई या कोई समस्या आई तो वह बंदर की सुरक्षा के लिये ठोस कदम उठाएंगे..
NEWSANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट

