धनबाद (DHANBAD): वाम दलों ने मोदी सरकार के इस बजट को जन विरोधी और राष्ट्र विरोधी बताया है।*
आज रंधीर वर्मा चौक पर वाम दलों का देशव्यापी अभियान के तहत प्रर्दशन किया और बजट के खिलाफ प्रतिवाद दिवस मनाया। इस अवसर पर वाम दलों के नेताओं ने कहा कि केंद्रीय सरकार के वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए गए बजट में शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और मनरेगा के लिए बजट आवंटन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। राज्यों के वित्तीय अधिकारों पर हमला तेज किया गया है। देश के दलित और आदिवासियों के लिए राशि आवंटन में कटौती की गई है। कॉर्पोरेट घरानों को खुश करने के लिए न्यूनतम वेतन की कोई चर्चा नहीं है। खनन के लिए उदार नीतियों की घोषणा की गई है। बजट प्रस्ताव में निजीकरण को आगे बढ़ाने, बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई लाने और परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील सेक्टर में देसी विदेशी पूंजीपतियों की घुसपैठ को आसान किया गया है।
बजट में खर्च की घोषणा और सचमुच किए गए खर्च में भारी अंतर है। आयकर कुल मिलाकर बजट प्रस्ताव में कॉर्पोरेट जगत तथा बड़े धनी लोगों को ही भारी छूट दी गई है। इस लिए केंद्र सरकार की ये बजट मजदूर – किसान, छात्र – युवा व जन विरोधी है। वक्ताओं ने आगे कहा कि वाम दलों ने बजट के जन विरोधी प्रस्ताव को ठुकराते हुए, एक वैकल्पिक प्रस्ताव की घोषणा की है, जिसमें देश के 200 विलिनियर्स (डॉलर के संदर्भ में) अरबपतियों पर चार प्रतिशत संपत्ति पर लगाने, कॉरपोरेट टैक्स बढ़ाए जाने, कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी करने, सार्वजनिक क्षेत्र की लूट के लिए ले गए राष्ट्रीय मोनेटाइजेशन पाइप लाइन को रोकने, बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई वापस लेने, मनरेगा के आवंटन में 50% बढ़ोतरी करने, शहरी रोजगार गारंटी कानून लाने, सामाजिक सुरक्षा के लाभों के लिए बजट में प्रावधान बढ़ाने, स्वास्थ्य के लिए जीडीपी का 3% और शिक्षा के लिए जीडीपी का 6% राशि आवंटित करने, खाद सब्सिडी बढ़ाने, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और बाल विकास के लिए आवंटन में वृद्धि करने, स्कीम वर्करों के लिए मानदेय में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने तथा राज्यों के लिए कोष का हस्तांतरण और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में फंड का आवंटन बधाई जाने के साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों पर सरचार्जो को खत्म करने की मांग करते हैं।
वक्ताओं में सीपीआई(एम) जिला सचिव कॉ सन्तोष कु घोष, शिव बालक पासवान, मानस चटर्जी, सीपीआई(एमएल) कॉ सुरेश प्रसाद, हरि प्रसाद पप्पू, सीपीआइ से महमूद आलम, जगदीश महतो, एसयूसीआई(सी) से अनिल बाउरी, राम लाल महतो शामिल थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉ कार्तिक प्रसाद ने किया।
इस अवसर पर माया लायक, राम कृष्णा पासवान, भगवान दास पासवान, भारत भूषण, सपन माजी, विकास कु ठाकुर, गौतम प्रसाद, गणेश धर, रानी मिश्रा, नारायण चक्रवर्ती, लीलामय गोस्वामी, सूर्य कुमार सिंह, सविता देवी, शिबू राय, प्रजा पासवान, तुलसी रवानी, जितेंद्र निषाद, ओम प्रकाश पासवान, सुभाष चटर्जी, सुभाष सिंह, राणा चट्टराज, राजीव मुखर्जी, आगम राम, श्रीकांत सिंह, बंसी सिंह, नकुल देव सिंह, नरेश पासवान, ए एम पाल,गणेश महतो,टुटुन मुखर्जी, काशी मंडल, संतोष रवानी, धर्म बावरी, आर ए वही राज्य सचिव अविनाश रंजन,राजू मुखर्जी, शारदा देवी, सरोज सिंह, सुमित्रा दास,नकुल देव सिंह, बुटन सिंह, विमल रवानी, गणेश चौरसिया, राजू सिंह भोला सिंह, राजा राम पासवान, साहेब अली, अनिता बाउरी, भास्कर चौबे, सुरेंद्र पासवान, मनोज पासवान, कुंदन, राजेश भुइयां तथा कई सैकड़ों साथी शामिल थे।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

