यूपी(UP) : यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या-51 के तहत अप्रैल 2025 में आयोजित सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) परीक्षा में गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुये CM योगी आदित्यनाथ ने बिना शोर-शराबे के गोपनीय जांच के निर्देश दिये। जांच आगे बढ़ी तो परत-दर-परत बड़ा खेल सामने आता गया। बीते साल 20 अप्रैल को यूपी STF ने तीन अभियुक्तों महबूब अली, बैजनाथ पाल एवं विनय पाल को गिरफ्तार किया। इन पर 16 और 17 अप्रैल को हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने का इल्जाम है। इस संबंध में लखनऊ के विभूतिखंड थाने में केस दर्ज है। महबूब अली ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्र निकालकर पैसे लेकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराये। STF की डेटा एनालिसिस और तकनीकी जांच ने इस कबूलनामे की पुष्टि कर दी। मोबाइल डाटा, कॉल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र से मिले इनपुट के मिलान में साफ हो गया कि परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर आंच आई है। इन तमाम तथ्यों के आधार पर CM योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिये। वहीं, शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा का पुनः आयोजन शीघ्र, पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी में किया जाये।
NEWSANP के लिए यूपी से ब्यूरो रिपोर्ट

