नई दिल्ली(NEW DELHI):पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा की शुरुआती जांच में बांग्लादेशी उपद्रवियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं। मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने गृह मंत्रालय (एमएचए) को प्रारंभिक जांच की जानकारी दी।
जांच में यह भी पता चला है कि उपद्रवियों को शुरू में स्थानीय नेताओं से मदद मिली होगी, लेकिन बाद में वे बेकाबू हो गए। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य प्रशासन को अन्य संवेदनशील जिलों पर कड़ी नजर रखने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने की सलाह दी।
बीसएफ की 9 कंपनियां तैनात
हिंसा की वारदात को लेकर केंद्रीय गृह सचिव पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के लगातार संपर्क में हैं। गृह मंत्रालय ने मुर्शिदाबाद में सीमा सुरक्षा बल की करीब नौ कंपनियां यानी 900 जवान तैनात किए हैं। इन नौ कंपनियों में से 300 बीएसएफ जवान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार के अनुरोध पर अन्य अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं। सूत्रों ने बताया कि मुर्शिदाबाद समेत मालदा, हुगली और दक्षिण 24 परगना जिलों में सीआरपीएफ और आरएएफ के जवान भी कड़ी सुरक्षा के बीच तैनात हैं।
पुलिस की निष्क्रियता पर मांगा स्पष्टीकरण
गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के तीन सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त की है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। इसके अलावा, मुर्शिदाबाद जिले में निषेधाज्ञा लागू है और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। केंद्र ने राज्य सरकार से जान-माल की रक्षा करने में विफलता, रेलवे संपत्तियों पर हमले और हिंसा के शुरुआती चरणों के दौरान पुलिस की निष्क्रियता के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।
NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

