जामताड़ा(JAMTADA):अब तक बेइमानी साबित हुई सीसीटीवी की निगहबानी में चित्तरंजन टाउनशिप की सुरक्षा व्यवस्था
1. फतेहपुर डैम में युवक की लाश से सनसनी: हत्या या आत्महत्या?
रविवार शाम को चित्तरंजन के फतेहपुर डैम में 28 वर्षीय रवि रंजन सिंह की लाश तैरती हुई मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
- मृतक: रवि रंजन सिंह, निवासी – आमबागान, मिहिजाम (झारखंड)।
- गायब: शनिवार शाम से लापता।
- मौत का पता: रविवार शाम 4 बजे, स्थानीय लोगों ने डैम में शव देखा।
- पुलिस की कार्रवाई: शव को बाहर निकाल कर चित्तरंजन अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
- जांच की स्थिति: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
2. पीड़ित परिवार का बयान: “रवि सामान्य जीवन जी रहा था”
- परिजनों के अनुसार रवि मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक था, न किसी परेशानी में था, न तनाव में।
- परिवार ने हत्या की आशंका जताई है और सटीक व निष्पक्ष जांच की मांग की है।
3. हत्या का सिलसिला: एक नहीं, कई मौतें – पर कार्रवाई शून्य
यह घटना झारखंड के मिहिजाम, पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन, और रूपनारायणपुर थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही हत्याओं की श्रृंखला की अगली कड़ी मानी है।
- मिहिजाम में हाल ही में हुए रेलवे लाइन के पास हत्या की गुत्थी अब तक अनसुलझी है।
- रूपनारायणपुर में महिला की मौत को आत्महत्या बताया गया, पर साक्ष्य अब तक संदेहास्पद।
- रूपनारायणपुर थाना के पाइपलाइन में सी आईं एस एफ जवान सुनील पासवान की गोली मारकर हत्या अब भी अनसुलझा है।
- चित्तरंजन में दो हफ्ते पहले एक महिला की गला रेतकर हत्या, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
4. जांच एजेंसियों पर सवाल: चाल-चरित्र पर उठते हैं गंभीर प्रश्न
- हर बार की तरह पुलिस ने जांच की बात कही, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
- जांच में देरी, साक्ष्यों का संरक्षण न होना, संदिग्धों से पूछताछ में निष्क्रियता – यह पैटर्न बन चुका है।
- क्या यह महज लापरवाही है या किसी गहरी मिलीभगत की कहानी?
5. सुरक्षा पर शून्य ध्यान: फतेहपुर डैम बना ‘अपराध स्थल’
स्थानीय निवासियों ने फतेहपुर डैम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज़गी जताई।
- न कोई सीसीटीवी कैमरा,
- न कोई निगरानी गार्ड,
- न ही नियमित पेट्रोलिंग।
यहां पहले भी शव बरामद होने की घटनाएं हो चुकी हैं, पर हर बार प्रशासन मौन है।
6. प्रशासनिक उदासीनता: जवाबदेही से बचते अफसरकत
- पुलिस और प्रशासन हर बार “जांच जारी है” का घिसा-पिटा बयान दे कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है।
- जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और प्रशासन की निष्क्रियता लोगों में आक्रोश का कारण बन रही है।
7. जनआक्रोश और आंदोलन की चेतावनी
- इलाके के सामाजिक संगठनों और युवाओं ने जनता को एकजुट होने का आह्वान किया है।
- यदि दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया और जांच में प्रगति नहीं हुई, तो जनांदोलन की चेतावनी दी गई है।
- सोशल मीडिया पर अभियान तेज – #JusticeForRavi ट्रेंड कर रहा है।18
8. निष्कर्ष: एक इलाके का दर्द, प्रशासन की संवेदनहीनता
रवि रंजन सिंह की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, यह एक पूरे क्षेत्र के लिए ‘सुरक्षा और न्याय’ के संकट का प्रतीक बन चुकी है।
- लगातार हत्याएं,
- लचर जांच,
- संवेदनहीन शासन,
यह साबित करता है कि लोग अब केवल अपनी किस्मत के भरोसे हैं।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

