
झरिया(JHARIA):मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए लेख लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता संयोजक हितेन शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कक्षा 9 से स्नातक स्तर तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं।
प्रतियोगिता हेतु लेख की लंबाई 100 से 150 शब्द निर्धारित की गई है। लेख हस्तलिखित होना अनिवार्य है तथा प्रतिभागियों को उसकी स्पष्ट फोटो प्रविष्टि के रूप में कार्यक्रम संयोजक को व्हाट्सएप्प (7257925100) पर भेजनी होगी। प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर तय की गई है।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता के लिए दो विषय निर्धारित किए गए हैं— “मेरी मातृभाषा हिंदी” तथा “हिंदी और युवा पीढ़ी”। विशेष आकर्षण के रूप में सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जबकि शीर्ष तीन प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
शाखा अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और विचारों की आत्मा है। यह हमें एक-दूसरे से जोड़ती है और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हिंदी के संरक्षण और संवर्धन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। डॉ. शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच हमेशा से शिक्षा, साहित्य और समाजोपयोगी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को प्रेरित करता रहेगा।
प्रतियोगिता संयोजक हितेन शर्मा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, प्रेम और लेखन कला को प्रोत्साहित करना है। हिंदी हमारी मातृभाषा होने के साथ-साथ हमारी संस्कृति और पहचान की धरोहर है। उन्होंने बताया कि लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल अपनी भाषा के प्रति आत्मीयता और गर्व की अनुभूति होगी बल्कि उनमें रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की शक्ति भी विकसित होगी। शर्मा ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर हिंदी दिवस को सार्थक और यादगार बनाने की अपील की।उन्होंने अंत में अपील करते हुए कहा—
“मैं सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अनुरोध करता हूँ कि वे इस प्रतियोगिता में अपने बच्चों को शामिल कर अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करें और हिंदी भाषा को नई पीढ़ी में जीवित रखने के इस प्रयास को सफल बनाएँ।”
NEWSANP के लिए झरिया से रागिनी पांडे की रिपोर्ट

