“मारवाड़ी युवा मंच – झरिया शाखा बच्चों की सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित कर रहा है” – दीपक मिश्रा…

“मारवाड़ी युवा मंच – झरिया शाखा बच्चों की सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित कर रहा है” – दीपक मिश्रा…

झरिया(JHARIA):मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा द्वारा जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित “कृष्ण-राधा बाल रूप सज्जा वीडियो प्रतियोगिता” हर्षोल्लास और भक्ति के भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। कुल 58 प्रविष्टियों के साथ आयोजित इस प्रतियोगिता में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण और राधा का रूप धारण कर अद्भुत प्रस्तुतियाँ दीं।

भक्ति संगीत से सजी वीडियो रीलों में बच्चों की मनमोहक अदाओं और भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को कृष्ण-राधा के जीवन्त स्वरूप का अनुभव कराया। इस अवसर ने न केवल बच्चों की छिपी कला और प्रतिभा को सामने लाया, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति गहरा लगाव भी जगाया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन दीपक मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, किरोरीमल कॉलेज, दिल्ली ने किया। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा – “मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा समाज और संस्कृति को जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। इस मंच द्वारा आयोजित प्रतियोगिताएँ आने वाली पीढ़ियों में भारतीय परंपरा और संस्कारों की जड़ें मजबूत करती हैं। जिन बच्चों ने कृष्ण और राधा का रूप धारण कर प्रस्तुति दी, वे वास्तव में समाज की सांस्कृतिक धरोहर हैं।”

शाखा अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा ने कहा – “मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा सदैव समाज, संस्कृति और राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी रहा है। कृष्ण-राधा रूप सज्जा प्रतियोगिता नन्हे-मुन्नों की कला को मंच प्रदान करने का प्रयास है। हम सभी प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। भविष्य में भी मंच इस तरह के रचनात्मक और प्रेरणादायी आयोजन करता रहेगा।”

कार्यक्रम संयोजक गौतम अग्रवाल ने कहा – “प्रतियोगिता में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। प्रत्येक बच्चे अथवा उनके अभिभावकों ने मनमोहक वीडियो बनाकर भेजा, जिससे यह तय करना अत्यंत कठिन रहा कि कौन श्रेष्ठ है। मंच परिवार सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट तथा विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित करेगा।”

प्रतियोगिता परिणाम

  • प्रथम स्थान : अन्वित अग्रवाल (आयु – 1 वर्ष)
  • द्वितीय स्थान : वेदांश अग्रवाल (आयु – 2 वर्ष 8 महीने)
  • तृतीय स्थान : आन्या जालान (आयु – 6 वर्ष)

इस सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि संस्कार और संस्कृति ही समाज की सबसे बड़ी पूँजी हैं। प्रतियोगिता ने झरिया में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति एवं भक्ति परंपरा से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।

NEWSANP के लिए झरिया से रागिनी पांडे की रिपोर्ट

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