महाराष्ट्र(MAHARASHTRA): महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुनेत्रा पवार ने राज्य की डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले ली है। इससे पहले यह पद उनके पति अजित पवार के पास था, जिनकी बुधवार को एक प्लेन क्रैश में दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई थी। इस हादसे ने न सिर्फ महाराष्ट्र को झकझोर दिया, बल्कि सियासी हलकों में भी हलचल तेज कर दी।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी फिलहाल दो गुटों में बंटी है, जिसमें बड़ा गुट अजित पवार का माना जाता है। ऐसे में नेतृत्व के सवाल पर फैसला करते हुए सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया है। साथ ही संकेत मिल रहे हैं कि उनके बेटे पार्थ पवार को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
भावुक माहौल में पति को श्रद्धांजलि देने के बाद सुनेत्रा पवार ने शपथ ली, लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। सवाल उठाए गए कि मातम के बीच शपथ लेना कितना उचित है। कांग्रेस नेता उदित राज ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शोक की अवधि में शपथ समारोह टाला जा सकता था।
उदित राज के बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया और कांग्रेस पर “गिद्ध राजनीति” करने का आरोप लगाया। यह विवाद जल्द ही सोशल मीडिया पर छा गया। कई यूज़र्स ने सुनेत्रा पवार का समर्थन किया और उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से की।
एक यूज़र ने लिखा कि 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उसी दिन शाम को राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसी तर्क के साथ भाजपा प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि तब हिंदू परंपराओं की बात क्यों नहीं उठी।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

