दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़ने पर विरोध प्रदर्शन।
हजारों की संख्या में पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता।
धनबाद(NIRSA): दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के पंचेत और मैथन डैम से पानी छोड़ने को लेकर पश्चिम बंगाल पूरे राज्य में राजनीतिक गहमा गहमी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर मंगलवार को मैथन डैम और शुक्रवार को पंचेत डैम के समीप पश्चिम बंगाल जिले की तृणमूल कांग्रेस द्वारा पंचेत डीवीसी में विरोध प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पश्चिम बंगाल के श्रम एव कानून मंत्री मलय घटक ने किया। उनके साथ कई विधायक एव तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के पदाधिकारी भी मौजूद थे।तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि डीवीसी बंगाल प्रशासन को जानकारी दिए बिना मैथन और पंचेत बांध से भारी मात्रा में जल छोड़ रहा है, जिससे पश्चिम बंगाल के कई जिले बाढ़ की स्थिति हैं। पार्टी ने कहा कि त्योहारों के मौसम में जनता को खतरे में डालने के लिए डीवीसी जिम्मेवार है।पंचेत में सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के विरोध मंच से तृणमूल नेता बोले, “डीवीसी बार-बार बिना सूचना दिए बंगाल को अंधेरे में रखकर पानी छोड़ता आ रहा है। इसके कारण हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। जनता की सुरक्षा के लिए हम आज विरोध प्रदर्शन में उतरे हैं।
मंत्री मलय घटक ने कहा “हमारा उद्देश्य संघर्ष नहीं है। हम केवल राज्यवासियों की पीड़ा और असंतोष को डीवीसी प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।पूर्व में ही डीवीसी ने दावा किया है कि बांधों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था, इसलिए मजबूरी में जल छोड़ा गया। डीवीसी के अनुसार “पानी छोड़ना पूरी तरह वैज्ञानिक और नियंत्रित प्रक्रिया से किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए 1.5 लाख क्यूसेक की जगह करीब 70 हजार क्यूसेक जल छोड़ा गया।”वही बंगाल प्रशासन का कहना है कि पूर्व चेतावनी न मिलने के कारण दामोदर घाटी के निचले हिस्सों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हुआ। बंगाल सचिवालय ने तत्काल बैठक बुलाकर जिला प्रशासन को राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।बंगाल और केंद्र के इस टकराव के बीच पंचेत में तृणमूल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन लगभग दो घंटे तक चली। मंत्री ने कहा कि अगला कार्यक्रम हमारा डीवीसी मुख्यालय कोलकाता में होगा।
NEWSANP के लिए निरसा से शुधांशु की रिपोर्ट

