मनीष के सहादत पर गुरुवार को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बंद रहेगा पुरुलिया का झालदा इलाका…

मनीष के सहादत पर गुरुवार को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बंद रहेगा पुरुलिया का झालदा इलाका…

झालदा का हर एक सक्स मनीष की अंतिम यात्रा मे होगा शामिल…

पश्चिम बंगाल(WEST BENGAL): पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 260 किलोमीटर दूर पुरुलिया का झालदा इलाका शोक की लहर मे डूब गया है, शोक इस लिये की झालदा इलाके पाँच नंबर वार्ड के रहने वाले मनीष रंजन कश्मीर के पहलगांव मे हुए आतंकी हमले मे शहिद हो चुके हैं, मनीष आईबी ऑफिसर थे और वह वर्तमान मे हैदराबाद मे पोस्टेड थे, वह हैदराबाद मे अपनी पत्नी जया मिश्रा व अपने बच्चे के साथ रहते थे और वह अपनी पत्नी बच्चे के साथ कश्मीर के पहलगांव घूमने गए थे, जहाँ उन्होंने अपनी माता पिता और दो भाइयों व उनकी पत्नियों बच्चों को भी बुलाया था, पर अफ़सोस की बात है की मनीष के परिजनो को बिच रास्ते से ही लौटना पड़ा, उनको रास्ते मे ही यह खबर मिली की मनीष आतंकी हमले मे शहिद हो चुके हैं, जिस खबर को सुन मनीष के परिजन अपने आँखों मे आंसू लेकर अपने सीने पर पत्थर रखकर वापस पुरुलिया के झालदा पहुँच गए, मनीष की शहादत की खबर सुन मनीष के परिजन ही नही बल्कि पुरे झालदा इलाके मे मातम का माहौल है, हर कोई हैरान है की आखिरकार ऐसा हुआ तो कैसे हुआ, जो लड़का इतना मिलनसार हो लोगों के सुख -दुख का हमेशा हिस्सा बनता रहा हो, हर किसी की मदद के लिये खड़ा रहता हो उसके साथ अखिरकार ऐसी क्रूरता भरी घटना घटी तो कैसे घटी, झालदा का हर एक सक्स मनीष को कुछ इस कदर पहचानता है मानो वह उनके घर का ही एक सदस्य हो, मनीष के अंदर छुपी अच्छाईयों का विवरण देते कोई थक नही रहा था, पुरे दिन मनीष के घर नेता मंत्रियों का दौरा तो जारी रहा ही साथ मे झालदा इलाके की आम जनता व उनके सगे सम्बंधियों का भी आना जाना रहा, वहीं पुरुलिया के एसपी अभिजीत बैनर्जी भी घटना की खबर सुन मनीष के घर पहुँचे उनके परिजनों को संतावना भी दी, वहीं पुरुलिया एसपी ने कहा की गुरुवार को मनीष का पार्थिव शरीर झालदा पहुंचेगा, जिसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और उनका पार्थिव शरीर पंच तत्व मे विलीन कर दिया जाएगा, वहीं इस दौरान पुरे झालदा इलाके के लोगों ने 12 घंटे का बंद का आह्वान किया है, साथ ही झालदा के तमाम लोग मनीष के अंतिम यात्रा मे शामिल होंगे और उनकी विदाई देंगे.

NEWSANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीक रहमान की रिपोर्ट

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