मनरेगा में बदलाव के विरोध में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का राष्ट्रीय शुभारंभ…

मनरेगा में बदलाव के विरोध में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का राष्ट्रीय शुभारंभ…

धनबाद(DHANBAD): आज धनबाद परिषद में धनबाद जिला प्रभारी अशोक कुमार चौधरी एवं धनबाद जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनरेगा बचाव संग्राम के तहत होने वाले विरोध कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

प्रभारी अशोक कुमार चौधरी जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ देशभर में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस कार्यसमिति ने ग्रामीण आजीविकाओं पर पड़ रहे गंभीर खतरे को देखते हुए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नामक एक राष्ट्रीय जनआंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
मनरेगा, जिसे वर्ष 2005 में लागू किया गया था, एक अधिकार-आधारित कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मज़दूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी देता है। कानून के तहत राज्य सरकारों को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देना होता है। यह योजना हर वर्ष 5–6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराती है और पलायन रोकने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है।

हालांकि, प्रस्तावित VB-GRAM-G अधिनियम को मनरेगा की मूल भावना के विपरीत बताया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि यह नया ढांचा काम की वैधानिक गारंटी को समाप्त करता है, निर्णय प्रक्रिया का केंद्रीकरण करता है और ग्राम सभाओं व पंचायतों की भूमिका को कमजोर करता है। इसके तहत केंद्र सरकार का मजदूरी योगदान लगभग 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत करने का प्रावधान है, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

इसके अलावा, बजट सीमित होने, कृषि के चरम मौसम में कार्य पर रोक और मजदूरी सुरक्षा प्रावधानों के कमजोर होने से ग्रामीण रोजगार में कमी, मजदूरी दमन और ग्रामीण संकट के गहराने की आशंका जताई गई है। कांग्रेस का यह भी कहना है कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के मूल्यों को कमजोर करने का संकेत है।

कांग्रेस कार्यसमिति ने 27 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने का निर्णय लिया। इस आंदोलन का उद्देश्य काम के अधिकार की रक्षा करना और मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल कराना है।
आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत देशभर में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मनरेगा बचाओ संग्राम के कार्यक्रमों की अनुसूची :-

  1. 11/01/2025 को एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध
  2. 12 जनवरी से 29 जनवरी, 2026 के बीच आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम

प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, मनरेगा साधी और नरेगा मज़दूरों की भागीदारी के साथ पंचायत-स्तरीय चौपालों का आयोजन।

कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, रोज़गार सेवकों और मनरेगा मज़दूरों तक पहुँचाना।

प्रत्येक गाँव में सोनिया गांधी का मनरेगा मज़दूरों के नाम वीडियो संदेश सार्वजनिक रूप से दिखाना ।

नारों की दीवार पेंटिंग (समन्वय समिति द्वारा जारी की जाएगी)।

26 जनवरी को काम के अधिकार की रक्षा और मनरेगा के संरक्षण की मांग करते हुए ग्राम सभा प्रस्तावों का पारित करवाना।

AICC समन्वय समिति द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों के अनुरूप काम मांगो अभियान।

मनरेगा के समर्थन में नारों के साथ गाँव-स्तरीय प्रभात फेरी।

मनरेगा मज़दूरों द्वारा भारत के राष्ट्रपति को मनरेगा की पुनः बहाली की मांग करते हुए हस्ताक्षरित पोस्टकार्ड भेजना।

विधानसभा-स्तरीय नुक्कड़ सभाएँ।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुशासन समिति के पूर्व चेयरमैन श्री बिजेंद्र प्रसाद सिंह, विशेष आमंत्रित सदस्य मुख्तार खान, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष राशिद रजा अंसारी, महिला जिला अध्यक्ष सीता राणा,युवा कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य आनंद, झरिया प्रखंड अध्यक्ष भगवान दास, देवेन्द्र पासवान,महेंद्र पासवान, फैज अहमद व अन्य उपस्थित थे।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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