बाघमारा(DHANBAD): न्यू मधुबन कोल वॉशरी में शुक्रवार देर रात जो हुआ, वह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि एक खौफनाक उदाहरण है – कैसे प्रबंधन की लापरवाही मजदूरों की ज़िंदगियों को दांव पर लगा रही है। रात करीब 11:30 बजे, वॉशरी के तीन शेलो में से एक शेलो पूरी तरह भरभरा कर ढह गया, वहीं दूसरा आधा क्षतिग्रस्त हो गया। जैसे ही यह हादसा हुआ, कन्वेयर बेल्ट भी मोति के माला की तरह टूटकर बिखर गया। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सेकंडों में पूरा क्षेत्र अफरा-तफरी का मंजर बन गया। मजदूर जान बचाने को इधर-उधर भागे, पर एक मजदूर भाग न सका – वो मलबे में दब गया। यह किसी तकनीकी चूक का मामला नहीं, बल्कि सीधे-सीधे प्रबंधन की नंगी लापरवाही का नतीजा है। जैसे ही घटना की खबर फैली, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने बीसीसीएल के जीएम, एजीएम समेत प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। फायर ब्रिगेड व रेस्क्यू टीम को तत्काल एक्टिव कर मजदूर को बाहर निकालने का आदेश दिया गया।
विधायक ने साफ लहजे में कहा “यह हादसा नहीं, एक आपराधिक लापरवाही है। मजदूरों की ज़िंदगी से इस तरह खेलना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर दोबारा ऐसी चूक हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
प्रबंधन की नाकामी, किसकी जवाबदेही तय होगी?
सवाल यह है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद बीसीसीएल और संबंधित कंपनियों में सुरक्षा मानकों को लेकर यह ढिलाई क्यों बरती जाती है? क्या मजदूरों की ज़िंदगी अब सिर्फ संख्या बनकर रह गई है? न्यू मधुबन कोल वॉशरी का यह हादसा बताता है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे और मजदूर बलि का बकरा बनते रहेंगे।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह कि रिपोर्ट

