निरसा(NIRSA):चिरकुंडा नगर परिषद में भ्रष्टाचार को दबाने के लिए एक अजीबो गरीबो तरीका अपनाया है। ताजा मामला शहीद चौक के सौंदर्यीकरण से जुड़ा है, जहाँ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने के बजाय साक्ष्यों को ही मिटाने की कोशिश का आरोप लगा है।
भाकपा माले द्वारा शहीद चौक के सौंदर्यीकरण कार्य में भारी लूट-खसोट और अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। पार्टी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन धरातल पर जांच के बजाय ‘नया फंडा’ देखने को मिला।
आरोप है कि भ्रष्टाचार की जांच से बचने के लिए अब पूरे शहीद चौक को ही ध्वस्त किया जा रहा है ताकि पुराने कार्य के कोई अवशेष न रहें। जेसीआई (JCI) के माध्यम से इसे दोबारा बनाने के नाम पर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।उनका कहना है कि पुराने भ्रष्टाचार की जांच किए बिना चौक को तोड़ना साक्ष्यों को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है।जांच का आश्वासन देकर भ्रष्टाचार पर लीपापोती की जा रही है। इस सम्बन्ध में भाकपा माले के लिखित शिकायत के बाद फिलहाल काम को रोक दिया गया है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और स्थानीय लोग नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
NEWS ANP के लिए निरसा से मनोज सिंह की रिपोर्ट..

