भुवन ऋभु को मिला ‘मेडल ऑफ ऑनर’: बच्चों के अधिकारों के क्षेत्र में पहली बार किसी भारतीय अधिवक्ता को वैश्विक मान्यता…

भुवन ऋभु को मिला ‘मेडल ऑफ ऑनर’: बच्चों के अधिकारों के क्षेत्र में पहली बार किसी भारतीय अधिवक्ता को वैश्विक मान्यता…

जामताड़ा(JAMTARA):

डोमिनिकन रिपब्लिक में वर्ल्ड लॉ कांग्रेस के मंच से भारत का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व, जामताड़ा से गहरा जुड़ाव

बच्चों के अधिकारों की रक्षा में वैश्विक प्रभाव डालने वाले भारतीय अधिवक्ता भुवन ऋभु को ‘वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन’ (WJA) द्वारा ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें डोमिनिकन रिपब्लिक में 4 से 6 मई तक आयोजित ‘वर्ल्ड लॉ कांग्रेस’ में प्रदान किया गया, जिसमें 70 देशों से 1500 से अधिक विधिवेत्ता और 300 वक्ता शामिल हुए।

सम्मान का वैज्ञानिक और विधिक महत्व:

मेडल ऑफ ऑनर’ विधि और मानवाधिकारों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन (WJA), जो कानून के शासन की रक्षा और संवैधानिक लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है, अब तक यह सम्मान विंस्टन चर्चिल, नेल्सन मंडेला और अमेरिकी न्यायाधीश रूथ बेडर गिन्सबर्ग जैसे प्रतिष्ठित नेताओं को दे चुकी है। भुवन ऋभु इस श्रृंखला में पहले भारतीय अधिवक्ता बने हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला।

झारखंड विशेषकर जामताड़ा से भुवन ऋभु का जुड़ाव:

भुवन ऋभु का झारखंड, खासकर गिरिडीह और जामताड़ा जिलों से गहरा सामाजिक और व्यावहारिक संबंध रहा है। वे वर्षों से बनवासी विकास आश्रम जैसे स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर बाल विवाह, बाल तस्करी और बाल शोषण के विरुद्ध कानून आधारित कार्यों का संचालन कर रहे हैं। उनके निर्देशन में जामताड़ा को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो राष्ट्रीय बाल संरक्षण नीति के तहत एक अनुकरणीय पहल मानी जा रही है।

बाल अधिकारों के लिए कानूनी क्रांति के अगुवा:

भुवन ऋभु द्वारा स्थापित ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ (JRC) आज दुनिया का सबसे बड़ा बाल अधिकार कानूनी हस्तक्षेप नेटवर्क बन चुका है। JRC के सहयोगी संगठन भारत के 416 जिलों में सक्रिय हैं। भुवन ऋभु अब तक 60 से अधिक जनहित याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्टों में दाखिल कर चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:ता

  • ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) की कानूनी परिभाषा को स्पष्ट करना,
  • गुमशुदा बच्चों की पहचान के लिए एकीकृत प्रणाली विकसित कराना,कर्मियों * ऑनलाइन बाल शोषण की रोकथाम के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रोटोकॉल,
  • बाल विवाह निषेध अधिनियम की प्रभावी कार्यान्वयन प्रणाली बनवाना।

स्थानीय प्रतिक्रिया:

बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल भुवन जी का नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का है जो बच्चों की आवाज़ बनकर जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहा है।”

JRC के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने इसे भारत में बाल अधिकार आंदोलन का मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा,
“यह वैश्विक मान्यता भारत के हजारों जमीनी कार्यकर्ताओं की अथक सेवा को नई ऊंचाई देती है।”

निष्कर्ष में:

भुवन ऋभु को प्राप्त यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत के संवैधानिक मूल्य, बाल अधिकारों की रक्षा, और लोकतांत्रिक शासन के सिद्धांतों की जीत भी है। यह सम्मान जामताड़ा जैसे सीमांत जिलों में हो रहे कार्यों को वैश्विक समर्थन प्रदान करता है और आने वाले वर्षों में बाल संरक्षण के प्रयासों को वैज्ञानिक, रणनीतिक और नैतिक आधार पर मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

NEWSANP के लिए धनबाद से आर पी सिंह की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *