यूपी(UP) : यूपी के घुंघटेर थाना क्षेत्र के दादरा गांव की सन्नाटे में डूबी एक सड़क और उसी किनारे मंगलवार की सुबह मिला एक शव। लगभग 35 साल के हनुमंतलाल की निस्तेज देह देखकर गांव वालों की रूह कांप उठी। ऊपर से हादसे की झूठी कहानी गढ़ दी गई। पुलिस को जो कहानी सुनाई गई, वह चंद घंटों में ही ढह गई। 8 साल के मासूम बेटे ने डरे-डरे लफ्जों में सच कह दिया कि “पापा को मारा गया है…” इस एक मासूम आवाज ने उस झूठी दीवार को गिरा दिया जो हत्यारों ने बारीकी से गढ़ी थी।
मोहब्बत में छिपी नफरत की गंध
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस के कदम ठिठकते गये। हनुमंतलाल की पत्नी पूजा गौतम और ई-रिक्शा चालक कमलेश ने मिलकर गुनाह की ऐसी पटकथा लिखी थी, जिसमें हत्या को हादसा दिखाया गया। लोहे के सरिया से वार कर बेरहमी से हत्या की गई थी। शव को सड़क किनारे फेंककर हादसे का नाटक रचा गया। एक लाख रुपये के लालच में मौत की साजिश बुनी गई। जांच से खुलासा हुआ कि पूजा के अपने ही भतीजे से अवैध संबंध थे। जब हनुमंतलाल को सच्चाई का पता चला, तो घर में कलह बढ़ने लगा। और फिर रची गई एक मासूम बेटे को अनाथ करने वाली साजिश। मासूम की ईमानदारी और पुलिस की चौकसी ने 24 घंटे में परत दर परत सच को उजागर कर दिया। दोनों संदेही गुनहगार अरेस्ट कर लिये गये। हत्या में इस्तेमाल ई-रिक्शा और सरिया बरामद कर ली गई। ASP विकास त्रिपाठी ने मीडिया से कहा कि “मासूम बेटे की ईमानदारी और टीम की मेहनत ने इस गुत्थी को सुलझाया। सच्चाई चाहे कितनी भी गहरी क्यों न दबी हो, बाहर जरूर आती है।”
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

