बोकारो(BOKARO): झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बोकारो जिले में सामाजिक सुरक्षा विभाग की जांच में 50 ऐसे बैंक खातों का पता चला है, जिनमें 456 फर्जी लाभुकों के नाम पर 29.64 लाख रुपये भेजे गए थे। यह फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें कई कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी शामिल पाए गए हैं। प्रशासन ने इस घोटाले में शामिल लोगों की पहचान कर ली है और अब एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
जांच में पाया गया कि कुछ बैंक खातों पर एक ही व्यक्ति के नाम से 90-96 आवेदन किए गए थे। सबसे ज्यादा आवेदन सुफानी खातून नामक महिला के खाते पर मिले, जिसमें 94 आवेदन दर्ज थे। यह खाता इंडसइंड बैंक में खोला गया था और इसमें सुफानी का पता बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मोतिविट्टा में दर्शाया गया था। इसी तरह, यूसुफ नामक व्यक्ति के खाते में 95 आवेदन पाए गए, जिनमें फर्जी राशन कार्ड नंबर का इस्तेमाल किया गया था। खास बात यह रही कि सभी फर्जी आवेदन 1 नवंबर 2024 को किए गए थे।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव ने बताया कि जिले में अब तक 11,200 फर्जी आवेदनों की पहचान की जा चुकी है और इस पर कड़ी जांच जारी है। जो भी फर्जी बैंक खाते पाए गए हैं, उन पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, दोषियों से पैसे वसूले जाने की भी योजना बनाई जा रही है।
योजना में गड़बड़ी और सुधार की दिशा
राज्यभर से मंईयां सम्मान योजना में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति ने कई बार राशि प्राप्त की, जबकि कुछ मामलों में पुरुषों के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए। सरकार ने अब इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आधार लिंक बैंक खाता अनिवार्य कर दिया है। दिसंबर 2024 तक की राशि लाभुकों को मिल चुकी है, लेकिन जनवरी 2025 की राशि उन्हीं को मिलेगी जिनके खाते आधार से जुड़े हैं।
आधार लिंक की अनिवार्यता और नए नियम
सरकार ने पहले लाभुकों के बैंक खाते को आधार से जोड़ने की अनिवार्यता दिसंबर 2024 तक के लिए टाल दी थी, लेकिन अब इसे मार्च 2025 तक और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग ने इस पर एक प्रस्ताव तैयार किया है, हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य
यह योजना झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसमें महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। दिसंबर 2024 तक 56,61,791 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया गया था। लेकिन अब फर्जीवाड़े की घटनाएं सामने आने के बाद सरकार इसे और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने पर ध्यान दे रही है..
NEWSANP के लिए बोकारो से ब्यूरो रिपोर्ट

