धनबाद(DHANBAD): बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कंपनी के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं श्रमिकों से हड़ताल में शामिल नहीं होने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि बीसीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंपनी है. देश के कुल कोयला उत्पादन में इसका अहम योगदान है. ऐसे में किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्यबंदी से उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. देश में कोयले की नियमित आपूर्ति बाधित हो सकती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष सुलह प्रक्रिया जारी है. औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के प्रावधानों के अनुसार सुलह प्रक्रिया के दौरान हड़ताल करना विधिसम्मत नहीं है. इसे अवैध माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने कर्मचारियों से अनुशासन बनाये रखते हुए वैधानिक मंचों के माध्यम से अपनी मांगें रखने की अपील की है. सीएमडी ने कहा, मानसून से प्रभावित उत्पादन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. कंपनी चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. ऐसे समय में हड़ताल से उत्पादन एवं प्रेषण कार्य में बाधा से कंपनी के साथ ही बिजली, इस्पात, सीमेंट और उर्वरक जैसे प्रमुख उद्योगों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा. देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर प्रभाव पड़ सकता है.
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

