
सिंदरी(SINDRI): बीआईटी सिंदरी में बी.टेक 2025 बैच के इंडक्शन प्रोग्राम में मुख्य वक्ता के रूप में ISKCON धनबाद के अध्यक्ष श्री सुंदर दास प्रभुजी और एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह ने छात्रों को संबोधित किया।
सुंदर दास प्रभुजी ने कहा कि “सही समय पर सही ज्ञान ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है, कर्म करो, फल की चिंता मत करो।” उन्होंने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि “जीविका (Livelihood) और जीवन (Life) अलग-अलग हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “आज शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री लेना नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण होना चाहिए। छात्रों को जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण और संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी साधना है।”
वहीं, एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए छात्रों को संदेश दिया कि अनुशासन, दृढ़ निश्चय और परिश्रम से ही सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों को तनाव प्रबंधन (Stress Management) की सीख देते हुए कहा कि “असफलता अंत नहीं है, बल्कि सीखने का अवसर है। हर चुनौती एक नए अवसर का द्वार खोलती है। छात्रों को चाहिए कि वे समय प्रबंधन करें, सकारात्मक सोच रखें और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें।”
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए यह भी कहा कि “आपका लक्ष्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के लिए उपयोगी और जिम्मेदार नागरिक बनना सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
इस अवसर पर निदेशक प्रो. पंकज राय और प्रो. डॉ. राजीव वर्मा ने मुख्य अतिथियों को शॉल और मेमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कोमल कुमारी, संयोजक डॉ. राहुल कुमार, तथा विशेष सहयोगी प्रभारी पदाधिकारी अधिविधि डॉ. जे. एन. महतो, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, प्रो. खुसतर अंसारी, प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय, डॉ. सोमनाथ साहा और प्रो. सुमन्तो मंडल रहे।
कार्यक्रम का समापन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कोमल कुमारी एवं डॉ. राहुल कुमार द्वारा किया गया। छात्रों और फैकल्टी के बीच उत्साह और ज्ञानवर्धक संवाद का अद्भुत अनुभव देखने को मिला।
NEWSANP के लिए भोला बाउरी की रिपोर्ट

