पटना(BIHAR): बिहार अब पूरी तरह चुनावी माहौल में डूब गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार सिंह गुंजियाल ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2025 को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अपराधी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों पर सख्ती
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साफ कहा कि इस बार चुनाव में अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की सारी जानकारी जनता के सामने लानी होगी। दलों को बताना जरूरी होगा कि उन्होंने ऐसे उम्मीदवार को टिकट क्यों दिया। साथ ही, उम्मीदवारों को अपनी एफआईआर, आरोप पत्र या सजा का विवरण अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर प्रकाशित करना होगा। आयोग का मानना है कि इससे मतदाताओं को उम्मीदवारों की सच्चाई पता चलेगी और साफ राजनीति को बढ़ावा मिलेगा।
चुनाव की समयसीमा और स्टार प्रचारक
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव इससे पहले ही होंगे। निर्वाचन अधिसूचना जारी होने के 7 दिनों के अंदर दलों को अपने स्टार प्रचारकों की सूची आयोग को देनी होगी। मान्यता प्राप्त दलों को 40 और अन्य दलों को 20 स्टार प्रचारक मिलेंगे। इनके लिए परमिट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय से जारी होगा।
खर्च सीमा 40 लाख, वोटर प्रभावित करने पर सजा
इस बार उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये तय की गई है। जनसभाएं, जुलूस, पोस्टर, प्रचार वाहन और विज्ञापन का खर्च इसी सीमा में गिना जाएगा। मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे, शराब या उपहार बांटना गंभीर अपराध होगा, जिसके लिए जेल की सजा भी हो सकती है।
विज्ञापनों पर सख्त निगरानी
चुनावी पारदर्शिता के लिए राज्य और जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) बनाई गई है। यह कमेटी अखबार, टीवी और सोशल मीडिया पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों की पूर्व मंजूरी देगी। बिना अनुमति कोई विज्ञापन नहीं दिखाया जा सकेगा।
बैठक में ये अधिकारी और नेता मौजूद
बैठक में निर्वाचन विभाग के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह, प्रशांत सी.एच., अमित पांडेय और अशोक प्रियदर्शी ने दलों के प्रतिनिधियों को चुनावी नियमों की जानकारी दी और सवालों के जवाब दिए। प्रमुख दलों से राजद के सांसद सुधाकर सिंह, अभय कुशवाहा, चितरंजन गगन, कांग्रेस के ब्रजेश मुनन, भाजपा के राधिका रमण, जदयू के अनिल हेगड़े और सीपीआई (एमएल) के परवेज अहमद शामिल थे।
तकनीकी सुधारों से बनेगी मिसाल
चुनाव आयोग का कहना है कि यह चुनाव देशभर के लिए मिसाल बनेगा। वेबकास्टिंग, डिजिटल उपकरणों और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। हर मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग, वोटर हेल्पलाइन और आचार संहिता का सख्त पालन होगा, ताकि मतदाताओं का विश्वास बढ़े।
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

